कोतवाली नगर क्षेत्र के रतनपुर अकेलवा गांव में बृहस्पतिवार की दोपहर वन विभाग की जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को हटवाने गए वन कर्मियों समेत पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। ग्रामीणों के हमले में तीन वन कर्मी समेत चार लोग घायल हो गए। पथराव के बाद नाराज ग्रामीणों ने निर्माण स्थल के पास रखे छप्पर में आग लगा दी। घटना की जानकारी होने के बाद एसडीएम सदर, क्षेत्राधिकारी नगर समेत बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने के बाद उपद्रवी मौके से भाग निकले। वन रक्षक की ओर से कोतवाली नगर में तहरीर दी गई है। तनावपूर्व स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात की गई है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के रतनपुर अकेलवा गांव में वन विभाग की जमीन स्थित है। पिछले कई दिनों से गांव के ही पिंटू निषाद की ओर से भूमि पर निर्माण करवाया जा रहा है। वन विभाग की ओर से इस पर कई बार आपत्ति की गई। फिर भी निर्माण कार्य नहीं रोका गया। बृहस्पतिवार को वन रक्षक चंद्रशेखर ओझा, राकेश पांडेय, राजेंद्र गुप्ता, मो. आसिफ समेत अन्य वनकर्मी सीताकुंड चौकी की पुलिस के साथ निर्माणस्थल पर कार्य रुकवाने के लिए पहुंचे। इस दौरान निर्माण करवा रहे लोगों से वन कर्मियों का विवाद शुरू हो गया। बात बढ़ने पर उग्र ग्रामीणों ने वन व पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में कब्जा हटवाने पहुंची वन कर्मियों की टीम के चंद्रशेखर ओझा, राकेश पांडेय, राजेंद्र गुप्ता घायल हो गए। आगजनी की सूचना मिलने के बाद एसडीएम सदर प्रमोद पांडेय, क्षेत्राधिकारी नगर, डीएफओ केसी बाजपेयी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। क्षेत्रीय वनाधिकारी एके द्विवेदी ने बताया कि रतनपुर अकेलवा गांव निवासी पिंटू निषाद वन विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण करवा रहे थे। उन्हें कई बार नोटिस भी दी जा चुकी थी। वन रक्षक मो. आसिफ ने पिंटू निषाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। वहीं सदर विधायक सूर्यभान सिंह ने वारदात के लिए अफसरों को दोषी ठहराया है।