हत्या के मामले में फरार चल रहे तीन अभियुक्तों को अमेठी पुलिस छह वर्ष बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। अमेठी के एसपी हीरालाल ने प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था को पत्र भेजकर एसटीएफ की मदद मांगी है। शनिवार को एसपी ने न्यायाधीश को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है।
ग्राम रंजीतपुर कटरा लालगंज निवासी रामअभिलाख द्विवेदी की दो नवंबर 1981 को हत्या कर दी गई थी। 16 अगस्त 1984 को जिला न्यायालय ने गौरीगंज थाने के ग्राम सरैया मानिकचंद मौजा कटरा निवासी शोभनाथ, त्रिवेणी प्रसाद, विजयपाल, दूधनाथ, हंसराज और प्रतापगढ़ के जेठौरा थाने के नेवादा गांव निवासी सुधाकर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
ट्रायल कोर्ट के सजा करने के खिलाफ दाखिल अपील को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सात अप्रैल 2000 को अभियुक्तों को बरी कर दिया था। आठ मई 2009 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय को रद्द करते हुए अभियुक्तों की सजा को बहाल कर दिया था।
24 अगस्त 2011 को कोर्ट से गैर जमानती वारंट व कुर्की की नोटिस जारी होने के बाद अभियुक्त त्रिवेणी प्रसाद, दूधनाथ व हंसराज सजा भुगतने के लिए जेल भेजे गए। जबकि अभियुक्त शोभनाथ, विजयपाल व सुधाकर फरार चल रहे हैं। कोर्ट ने फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी कराने के लिए डीजीपी से लेकर अन्य उच्चाधिकारियों को कई पत्र भेजा।
लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर पाई। इस बीच फरार सजायाफ्ता तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अमेठी के एसपी हीरालाल ने एसटीएफ की मदद मांगी है। इसके लिए एसपी ने प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था को पत्र भेजा है।
एसपी ने शनिवार को स्पेशल जज ईसी एक्ट सूबेदार यादव को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कोर्ट को बताया है कि फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए गौरीगंज के कोतवाल, प्रभारी सर्विलांस सेल व स्वाट टीम को लगाया गया है। मामले में अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।