फैजाबाद के जासरपुर से अगवा मासूम छात्र की हत्या कर शव नहर फेंक दिया गया। बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने शव नहर में उतराता देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। दो जिलों की पुलिस के अधिकारी फॉरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। बेटे का शव देखकर परिवारीजन बिलख पड़े और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस के अधिकारियों के समझाने पर लोग शांत हुए।
फैजाबाद जिले के बीकापुर कोतवाली अंतर्गत जासरपुर गांव निवासी रामलौट यादव का 12 वर्षीय बेटा सुजीत कुमार यादव क्षेत्र के मोतीगंज स्थित राजकली बालिका मांटेसरी विद्यालय में पढ़ता था। बीते 26 जनवरी की सुबह सुजीत स्कूल जाने के लिए घर से निकला तो वापस नहीं लौटा। सुजीत के घर न लौटने पर परिवारीजनों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन वह नहीं मिला। दूसरे दिन गांव के ही नौ लोगों के खिलाफ सुजीत के परिवारीजनों ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार की सुबह कूरेभार थाना क्षेत्र के धोबियाभार गांव के पास शारदा सहायक नहर में ग्रामीणों ने एक शव पानी में उतराता देखा।
ग्रामीणों की सूचना के बाद सीओ सिटी नवीन कुमार सिंह, एसओ कूरेभार डीके सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। शव पाए जाने की सूचना के बाद जासरपुर गांव से सुजीत के परिवारीजन भी धोबियाभार पहुंचे और शव की शिनाख्त की। सुजीत के परिवारीजनों ने बीकापुर कोतवाली पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवारीजनों का आरोप था कि यदि पुलिस नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ करती तो उनके बच्चे की जान बच सकती थी।
सीओ सिटी की सूचना के बाद फैजाबाद के पुलिस अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटना में शामिल आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। तब जाकर परिवारीजन शांत हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसओ कूरेभार डीके सिंह ने बताया कि छात्र की गला घोंटकर हत्या किए जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की सही जानकारी मिल सकेगी।