कांग्रेस नेता सहित दो आरोपियों ने किया सरेंडर, भेजे गए जेल
सुल्तानपुर। बलवा, मारपीट व दुकानदार को धमकाने के मामले में 10 वर्ष से गैर हाजिर चल रहे कांग्रेस नेता समेत दो आरोपियों ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सीजेएम आशारानी सिंह ने आरोपियों की वारंट निरस्त करने की अर्जी खारिज कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के मेजरगंज निवासी सुनील कुमार की शहर के सुभाष मार्केट स्थित दुकान में चार नवंबर 1992 को लूटपाट व मारपीट की घटना हुई थी। सुनील की तहरीर पर कोतवाली नगर के खैराबाद निवासी कामरान जफर, मुन्ना कालिया उर्फ सिराज अहमद, डिहवा निवासी अब्दुल हक व दरियापुर निवासी मो. अकील उर्फ मुन्ना और 10 अज्ञात के खिलाफ डकैती का केस दर्ज किया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ बलवा, मारपीट व धमकाने के अभियोग में चार्जशीट दाखिल की।
आरोपियों के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर सीजेएम ने 11 दिसंबर 2008 को गैर जमानती वारंट जारी किया। तब से गैर हाजिर कांग्रेस नेता कामरान जफर व आरोपी मुन्ना कालिया उर्फ सिराज अहमद ने सोमवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। सीजेएम ने दोनों आरोपियों का वारंट निरस्त करने के लिए दी गई अर्जी खारिज कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई के लिए पांच दिसंबर को होगी। विदित हो कि जेल भेजे गए कामरान जफर को कांग्रेस ने वर्ष 2012 में नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ाया था।