सुल्तानपुर। पति के जीवित रहने के बावजूद धोखाधड़ी कर कूटरचित अभिलेख के सहारे विधवा पेंशन लेने को कोर्ट ने गंभीर अपराध माना है।
शनिवार को कोर्ट ने जेल में निरुद्ध आरोपी महिला की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मामला कोतवाली नगर के नकराही गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी हबीब अहमद की पुत्री साजिदा बेगम की शादी इलाहाबाद के मऊआइमा निवासी मोबीन अहमद के साथ हुई थी।
दंपती में विवाद होने पर पति-पत्नी अलग-अलग रहने लगे थे। इस बीच साजिदा बेगम ने खुद को विधवा बताते हुए पेंशन के लिए आवेदन कर दिया था।
उसे विधवा पेंशन दिलाने में नकराही के तत्कालीन ग्राम प्रधान इसरार अहमद व ग्राम पंचायत अधिकारी की भूमिका रही है। अधिकारियों ने साजिदा बेगम की ओर से लगाए गए उसके पति के मृत्यु प्रमाण पत्र का सत्यापन कर दिया था।
अधिकारियों की मिलीभगत से साजिदा बेगम को पति के जिंदा रहने के बाद भी विधवा पेंशन मिलने लगी थी। कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी साजिदा बेगम को बीते 27 जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।