तीन जिलों में ताबड़तोड़ हत्या और रंगदारी की वारदात को अंजाम देकर दहशत फैलाने वाले दो इनामी बदमाशों से पुलिस और स्वाट टीम की मंगलवार रात मुठभेड़ हो गई। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों को गोली लगने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार बदमाशों में एक पर 50 हजार रुपये का इनाम है जबकि दूसरे पर पांच हजार का। घायल बदमाशों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
चांदा कोतवाली क्षेत्र के टाउन एरिया कोइरीपुर में हनुमान नगर मोहल्ला निवासी हार्ड वेयर व्यवसायी मदनलाल से पांच लाख रुपये रंगदारी न मिलने से गुस्साए बदमाशों ने बीते 31 मई 2016 को मदनलाल के दो पुत्र पवन और श्रवण की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाशों के हमले में व्यवसायी की पत्नी भी घायल हुई थी। घटना में शातिर अपराधी मुलायम यादव समेत नौ लोग शामिल थे। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन मुख्य आरोपी समेत छह लोग फरार थे।
यही नहीं 10 जून को मुलायम यादव ने ईंट-भट्ठा व्यवसायी शशि बरनवाल को फोन कर रंगदारी मांगी थी। रंगदारी से इंकार करने पर मुलायम ने शशि बरनवाल के भट्ठे पर फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। मुलायम यादव की गिरफ्तारी के लिए आईजी जोन ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मंगलवार की देर रात चांदा कोतवाल डीके सिंह को सूचना मिली कि मुलायम यादव निवासी प्रतापगढ़ और बादल शुक्ला निवासी कादीपुर मोटरसाइकिल से कादीपुर की तरफ जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही डीके सिंह ने कादीपुर कोतवाल अनिल सोनकर और स्वाट टीम प्रभारी अभिषेक सिंह व अजय प्रताप यादव को सूचित करते हुए पुलिस टीम के साथ चांदा से कादीपुर की तरफ पीछा किया। इस दौरान दूसरी तरफ से कादीपुर कोतवाली की पुलिस भी पहुंच गई। कादीपुर पुलिस को देखते ही मुलायम यादव और बादल शुक्ला ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों बदमाशों को गोली मार दी। गोली लगते ही मुलायम यादव और बादल शुक्ला गिर पड़े।