पैसे के लेन देन के चलते परेशान चल रहे जालंधर बाईपास के पास रहने वाले व्यापारी और प्रापर्टी डीलर जतिंदर अहूजा ने मंगलवार कों अपनी दुकान पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने मृतक के कपड़ों से एक सुसाइड नोट और बीस हजार रुपये बरामद किया। सुसाइड नोट में व्यापारी ने छह लोगों पर परेशान करने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने जतिंदर के बेटे गौरव अहूजा की शिकायत पर आरोपी जतिंदर सलूजा उर्फ लवली, जस्सियां रोड के काकू, विवेक, अश्वनी कुमार उर्फ सोनू, अशोक बब्बर और पूर्ण थापर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। गौरव के अनुसार उसके पिता जतिंदर अहूजा बारदाने के काम के साथ साथ प्रापर्टी का काम भी करते थे। उनका आरोपियों के साथ उनका पैसों का लेन देन था। आरोपी उन्हें पिछले काफी समय से परेशान कर रहे थे। इससे पिता जतिंदर परेशान चल रहे थे।
रोजाना की तरह वह अपने काम पर चले गए। कुछ समय बाद उन्हें फोन आया कि वह अपने भाई साहिल और मां का ध्यान रखे। इतना कहने के बाद जतिंदर ने फोन काट दिया। पिता की यह बात सुन कर गौरव काफी परेशान हो गया। उन्होंने नौकर को फोन कर बात की तो उसने कहा कि मालिक अभी दुकान पर आए हैं। गौरव अपने चाचा और अन्य रिश्तेदारों के साथ वहां पहुंचा तो दुकान खुली थी। जतिंदर नीचे नहीं था। ऊपर कमरे की लाइट जल रही थी। सब लोग ऊपर गए तो जतिंदर का शव पंखे के साथ लटक रहा था। इस पर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी अमरीक सिंह ने कहा कि आरोपियों की तलाश के लिए उनके घरों और दुकानों पर छापामारी की गई थी। सभी आरोपी अभी फरार है। उनकी तलाश में छापामारी की जा रही है।