जुर्माना नहीं देने पर आरोपी को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने जुर्माना की आधी धनराशि पीड़ित बालक को देने का आदेश दिया है।
गोसाईगंज क्षेत्र में एक गांव निवासी सीताराम निषाद उर्फ सितई 16 फरवरी 2007 को बकरी चराने गया था। शाम को गांव का ही एक सात वर्षीय बालक गन्ना तोड़ने खेत में गया था।
आरोप है कि अभियुक्त सीताराम ने बालक के साथ कुकर्म किया था। काफी देर तक बालक नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने तलाश शुरू की। खेत में बालक बेहोश मिला। होश में आने पर बालक ने घटना की जानकारी परिवारीजनों को दी थी।
पुलिस ने उसकी मां की तहरीर पर सीताराम निषाद उर्फ सितई के खिलाफ आप्रकृतिक दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज किया। कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने छह गवाहों को पेश किया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट षष्टम अनिल कुमार सेठ ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद गुरुवार को अभियुक्त सीताराम निषाद उर्फ सितई को दोषी करार देते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।