गैंगरेप का केस रफादफा कराने में जुटा था प्रधान
सुल्तानपुर। किशोरी के साथ हुए गैंगरेप के केस को रफा-दफा कराने में एक ग्राम प्रधान और एक अन्य प्रधान के प्रतिनिधि ने अहम भूमिका निभाई थी। प्रधान की ओर से पीड़िता के पिता को दो लाख रुपये देने के मामले का वीडियो बृहस्पतिवार को वायरल होने के बाद हड़कंप मचा है।
हलियापुर क्षेत्र के लाला का पुरवा गांव में सड़क किनारे फैजाबाद जिले के कुमारगंज थानान्तर्गत इटौंजा गांव निवासी राजकुमार यादव व प्रदीप यादव (सगे भाई) भवन निर्माण सामग्री की दुकान करते हैं। 19 सितंबर की शाम छह बजे हलियापुर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीया किशोरी के साथ राजकुमार यादव और प्रदीप यादव ने अपनी दुकान में गैंगरेप किया था।
किशोरी के पिता ने राजकुमार और प्रदीप के खिलाफ गैंगरेप की तहरीर दी लेकिन तत्कालीन थानाध्यक्ष डीपी शुक्ला जांच के नाम पर उसे दौड़ाते रहे। मामले की जानकारी जब के उच्चाधिकारियों को हुई तो चार दिन बाद 23 सितंबर को राजकुमार यादव और प्रदीप कुमार यादव के खिलाफ गैंगरेप व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। आरोपियों ने पीड़िता के पिता को दो लाख रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने की धमकी दी थी।
पीड़िता के पिता को दो लाख रुपये देने के लिए एक ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि ने हलियापुर क्षेत्र स्थित स्कूल में बुलाया था। अभियुक्त राजकुमार के साथ ही एक अन्य प्रधान ने पीड़िता के पिता को दो लाख रुपये गिन कर दिया था। रुपये देते समय एक व्यक्ति ने मामले का वीडियो बना लिया था। यह वीडियो बृहस्पतिवार को वायरल हो गया। दूसरी तरफ पीड़िता के पिता ने बताया कि एसओ हलियापुर विष्णु प्रकाश शुक्ला को उसने पूरे मामले की सूचना दी थी, लेकिन एसओ खुद को रुपये के मामले से दूर रखने को बोल रहे हैं।
अपने बचाव में बनाया ऑडियो
दो लाख रुपये का ऑडियो बृहस्पतिवार को वायरल होने के थोड़ी देर बाद ही गैंगरेप की शिकार किशोरी का भी ऑडियो वायरल किया गया। वायरल ऑडियो में पीड़िता रो रही है। उससे ग्राम प्रधान का एक प्रतिनिधि पूछ रहा है कि तुम्हें इतनी चोट कैसे लगी। इस पर पीड़िता ने कहा कि उसे उसकी मम्मी, पापा और भाई ने पीटा है। गैंगरेप में अभियुक्त राजकुमार के दुकान की छत पर मिले पीड़िता के कपड़े के बारे में पूछे जाने पर दहशत जदा किशोरी बोलती है कि उसने खुद कपड़ा छत पर फेंका था।