मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के पूरे दलई मजरे नेवादा गांव में बृहस्पतिवार की सुबह आग ने भीषण तबाही मचाई। अज्ञात कारणों से दलित बस्ती में लगी आग की चपेट में आकर 40 कच्चे मकान राख हो गए। आग से झुलसकर तीन मवेशियों की झुलसकर मौत हो गई।
एक मवेशी गंभीर रूप से झुलस गया। ग्रामीणों की सूचना पर मुसाफिरखाना व जगदीशपुर के दमकल वाहनों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से आग को काबू किया। आग से 20 लाख रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है।
पूरे दलई मजरे नेवादा की दलित बस्ती के लोग बृहस्पतिवार की सुबह खेतों में गए थे। करीब 11 बजे दलित बस्ती निवासी रामजीत के कच्चे मकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में पड़ोसी सुमेरे, राम अवतार, अजय कुमार, बिलना, अमरजीत, छोटू, संतराम, कल्लू के मकान आ गए। आग से गांव में चीख-पकार मच गई। खेतों की ओर गए लोग आनन-फानन में गांव पहुंचे।
तब तक आग ने सुभरा, अयोध्या प्रसाद, साधू, राजेंद्र, गोविंद, मोतीलाल, शिवपता, बुधना, कन्हई, जगन्नाथ, मोहन, लाल बहादुर, राम प्रसाद, भगौती, मिथुन, जसकरन, दयाराम, फूलपता, टिन्ना, तिलकराज, कलना, दयावती, समर बहादुर, दिनेश कुमार, तेजई, रमपता, बुधराम, ध्रुवराज, मुटरु, सुमिता, अमरनाथ के कच्चे मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया था। ग्रामीणों ने आग लगने की सूचना मुसाफिरखाना अग्निशमन दल को दी। पूरे दलई गांव में लगी आग की सूचना पर नायब तहसीलदार मुुसाफिरखाना श्रद्घा पांडेय राजस्व कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंची। उन्होंने आग से हुए नुकसान का जायजा लिया। राजस्व कर्मियों की टीम ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार की।