गोमती के इसौली घाट पुल का एक पिलर धंसा
सुल्तानपुर। गोमती नदी के इसौली घाट पर बने पुल का एक पिलर धंस गया है। इससे पुल की छत बैठ गई है। सूचना पर पहुंची इंजीनियरों की टीम ने निरीक्षण के बाद पुल से बड़े वाहनों का आवागमन रोक दिया है। सेतु निगम के एमडी ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
मुसाफिरखाना-देवरा मार्ग पर इसौली घाट पर करीब पौने दो करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 1982 में गोमती नदी पर सेतु का निर्माण हुआ था। करीब 36 वर्ष बाद मंगलवार को अचानक इस पुल का चौथा पिलर धंस गया।
इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को तब हुई जब पुल की छत बीच में बैठ गई। छत बैठने से बीच में ऊंचा ब्रेकर सा बन गया है। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना लोक निर्माण विभाग समेत सेतु निगम के इंजीनियरों को दी।
इस पर मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी फैजाबाद अनुराग चतुर्वेदी, अधीक्षण अभियंता केसी वर्मा समेत सेतु निगम के इंजीनियरों ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में पुल का चौथा पिलर धंसा पाया गया।
निरीक्षण को पहुंची टीम ने खतरे को देखते हुए आनन-फानन में पुल के पहले सड़क पर दोनों तरफ दीवार बनवाकर बड़े वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है। सेतु निगम के एमडी उत्तम कुमार ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। बताया कि, जांच के बाद सेेतु की मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
इसौली घाट का सेतु जिले को फैजाबाद व अयोध्या को जोड़ता है। मुसाफिरखाना-देवरा संपर्क मार्ग से होकर बड़ी संख्या में लोग फैजाबाद व अयोध्या जाते हैं।
साथ ही उधर से भी लोग मुसाफिरखाना होते हुए अमेठी व रायबरेली जाते हैं। प्रतिदिन इस मार्ग से बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। पुल धंसने के बाद बड़े वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित होने से अब वाहनों को कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ेगा।