गौरीगंज। जिलाधिकारी के आदेश पर बल श्रम पर अंकुश लागने के लिए शनिवार को श्रम विभाग की टीम ने जगदीशपुर स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में छह नाबालिग कार्य करते मिले। टीम ने सभी नाबालिगों को अपनी संरक्षा में ले लिया है। टीम उनके परिवारीजनों को सूचना देने के साथ ही उन्हें बाल सुधार गृह रायबरेली भेजने की कवायद में लगी है।
संचालक को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर प्रति नाबालिग 50 हजार रुपये की रिकवरी करने और केस दर्ज करवाने का अल्टीमेटम दिया गया है।
नाबालिगों से प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करवाना जगदीशपुर स्थित विक्रम प्लाईवुड फैक्ट्री के संचालक हेमंत विक्रम सिंह को भारी पड़ गया।
उनके खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर श्रम विभाग की टीम ने यह छापेमारी की। टीम को बिहार प्रांत के साथ ही सीतापुर जिले के छह नाबालिग बच्चे फैक्ट्री में काम करते मिले।
नाबालिग बच्चों को फैक्ट्री में काम करता देख श्रम प्रवर्तन अधिकारी वीके त्रिवेदी ने मामले की जानकारी सहायक श्रमायुक्त आशुतोष मिश्र को दी।
सहायक श्रमायुक्त ने बच्चों को उनके परिवारीजनों के सुपुर्द करने तथा संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी वीके त्रिवेदी ने बताया कि बच्चों के परिवारीजनों को सूचना दी जा रही है। परिवारीजनों के आने तक बच्चों को बाल सुधार गृह रायबरेली भेजा जाएगा।
परिवारीजनों के आने पर उन्हें सौंप दिया जाएगा। बताया कि संचालक को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब देने को कहा गया है।
जवाब से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में संचालक से प्रति नाबालिग 50 हजार रुपये की रिकवरी के साथ ही कोर्ट में मुकदमा दायर कराया जाएगा। सहायक श्रम प्रवर्तन अधिकारी आशुतोष मिश्र ने कार्रवाई की पुष्टि की है।