अपहृत नहीं हुआ, घर से भागा था प्रापर्टी डीलर
सुल्तानपुर। घर से भागकर प्रापर्टी डीलर ने एक माह तक न सिर्फ पुलिस को छकाया बल्कि घरवालों का भी जीना दुश्वार कर दिया। दिल्ली से लेकर जयपुर तक तलाश में जुटी पुलिस को आखिरकार शनिवार रात सर्विलांस के जरिए उसके वाराणसी में होने का पता चला। पुलिस टीम वाराणसी पहुंची तो वहां प्रापर्टी डीलर फलाहारी आश्रम में गायों का चारा खिलाता मिला। प्रापर्टी डीलर को लेकर लौटी पुलिस टीम की एसपी ने न सिर्फ पीठ थपथपाई बल्कि ईनाम देने की भी घोषणा की है।
शहर के पयागीपुर निवासी प्रापर्टी डीलर अमित कुमार शर्मा (33) बीते 25 अप्रैल 2018 को अचानक घर से लापता हो गया। वीरेंद्र ने उसी दिन नगर कोतवाली में बेटे की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। इसके बाद दो मई को वीरेंद्र ने बेटे के अपहरण का आरोप लगाते हुए अभिमन्यु यादव निवासी पयागीपुर और अनुज शर्मा निवासी लोकेपुर थाना कूरेभार के खिलाफ तहरीर दी। चूंकि मामला व्यवसायी से जुड़ा था लिहाजा पुलिस ने तत्काल अभिमन्यु और अनुज के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की विवेचना पहले लक्ष्मणपुर चौकी इंचार्ज को सौंपी गई, लेकिन विवेचना में सुस्ती के कारण बाद में इसे पयागीपुर चौकी इंचार्ज के सुपुर्द कर दिया गया।
पयागीपुर चौकी इंचार्ज भी अमित का सुराग नहीं लगा सके। इसके बाद एसपी ने सीताकुंड चौकी इंचार्ज आदित्य यादव को विवेचना सौंप दी। एसआई ने नामजद दोनों आरोपियों को बुलाकर पूछताछ की तो पता चला कि दोनों निर्दोष हैं। अमित की तलाश में उपनिरीक्षक आदित्य यादव व सिपाही धीरज दिल्ली, जयपुर व नोएडा आदि जगह गए मगर कोई सफलता नहीं मिली। शनिवार रात अचानक अमित का फोन घर आया और उसने खुद के वाराणसी में छिपे होने की बात कही। अमित के घर का फोन सर्विलांस पर होने के कारण इसकी जानकारी पुलिस को हो गई।
इस पर तत्काल एसआई आदित्य और सिपाही धीरज वाराणसी रवाना हो गए। पुलिसकर्मी वाराणसी पहुंचे तो वहां फलाहारी आश्रम में अमित गायों को चारा खिलाते हुए मिला। अमित ने अपनी पहचान छिपाने के लिए दाढ़ी बढ़ा ली थी और वह धोती-कुर्ता पहने था। पुलिस सोमवार को अमित का पुलिस कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराएगी। पुलिस की मानें तो प्रापर्टी डीलर पर लोगों की मोटी रकम की देनदारी थी। इसी के चलते वह खुद घर छोड़कर भाग गया था।
निर्दोष युवक बोले- पुलिस टीम को करेंगे सम्मानित
प्रापर्टी डीलर अमित शर्मा के अपहरण के मुकदमे में नामजद अभिमन्यु व अनुज शर्मा ने कहा कि वे दोनों निर्दोष थे। उपनिरीक्षक आदित्य यादव के साथ ही एसपी अमित वर्मा पर उन्हें पूरा भरोसा था। व्यवसायी को बरामद करने वाले उपनिरीक्षक व सिपाही के साथ ही कप्तान को वह सम्मानित करेंगे।