जिला अस्पताल में सपा नेता के भाई की मौत, हंगामा
सुल्तानपुर। सांस रोग से पीड़ित सपा नेता के बड़े भाई की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवारीजनों ने चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस और सीएमएस से परिवारीजनों की तीखी नोकझोंक हुई। सीएमएस ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कोतवाली नगर क्षेत्र के खैराबाद निवासी समाजवादी पार्टी के जिला सचिव चौधरी अनीस अहमद के बड़े भाई अजीज अशरफ (65) की बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिवारीजन उन्हें आनन-फानन में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. सुनील दूबे ने अजीज अशरफ की जांच कर उन्हें अस्पताल के वार्ड में भर्ती करा दिया।
करीब पौने 12 बजे अजीज की मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप था कि चिकित्सक डॉ. सुनील दूबे ने जो इंजेक्शन लिखा था उसे लगाने से ही अजीज की मौत हुई है। अजीज की मौत की सूचना पाते ही सपा नेता चौधरी अनीस अहमद भी अस्पताल पहुंच गए। अनीस अहमद आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। इस बीच विवाद ज्यादा बढ़ गया।
अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मी भाग खड़े हुए। सूचना के बाद यूपी 100 के साथ ही नगर कोतवाल एसके मिश्रा व सीएमएस डॉ. योगेंद्र यति भी पहुंच गए। सपा नेता और परिवारीजनों की पुलिस व सीएमएस से तीखी नोकझोंक हुई। करीब घंटे भर तक तनाव की स्थिति बनी रही। सपा नेता की मांग पर सीएमएस ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया, तब जाकर लोग शांत हुए। बाद में मृतक अजीज की पत्नी शकीरा बानो ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इंकार कर दिया।
सपा नेता चौधरी अनीस अहमद ने बताया कि जब उनके बड़े भाई ही नहीं रहे तो भला किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से क्या फायदा। भाभी ने शव का पोस्टमॉर्टम भी नहीं कराने दिया। ऐसे में क्या किया जा सकता है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. योगेंद्र यति ने बताया कि मौत की सूचना के बाद वे खुद पहुंचे थे। प्रथम दृष्टया मामला स्वाभाविक मौत का है। अजीज दमा रोग से पीड़ित थे। उन्हें जब अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब उनकी हालत बेहद खराब थी। फिलहाल जांच के बाद स्थिति साफ होगी।
नगर कोतवाल एसके मिश्र ने बताया कि पीड़ित परिवार ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इंकार कर दिया है। इसलिए शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया। पीड़ित परिवार ने कोई तहरीर नहीं दी है। यदि तहरीर देते तो केस दर्ज किया जाता।