पूर्व प्रधान सुरेंद्र हत्याकांड का आरोपी गोलू गिरफ्तार
अमेठी। बरौलिया के बहुचर्चित पूर्व प्रधान हत्याकांड का एक आरोपी बृहस्पतिवार भोर जामों पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पकड़े गए आरोपी के पास से एक तमंचा व दो कारतूस बरामद हुए हैं।
पकड़े गए आरोपी का चालान न्यायालय भेजा गया है। जबकि मुख्य आरोपी वसीम अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। अमेठी सांसद स्मृति ईरानी के करीबी बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र प्रताप सिंह की पिछलेे शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हत्या के दूसरे दिन पूर्व प्रधान के भाई नरेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर जामों थाने में बरौलिया के ही रहने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्य रामचंद्र पासी, सुरेंद्र के खिलाफ ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाले धर्मनाथ गुप्ता, सगे भाई नसीम व वसीम के अलावा फुरसतगंज थाने के पीढ़ी गांव निवासी अतुल सिंह उर्फ गोलू के खिलाफ साजिश रचने व हत्या का केस दर्ज किया गया था।
केस दर्ज होने के दूसरे दिन पुलिस ने नामजद रामचंद्र पासी, धर्मनाथ गुप्ता व नसीम को गिरफ्तार कर लिया था जबकि मुख्य आरोपी वसीम व गोलू की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
बृहस्पतिवार भोर चार बजे जामों एसएचओ राजीव सिंह को फरार आरोपियों में से अतुल सिंह उर्फ गोलू के थाना क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। इस पर सक्रिय पुलिस टीम सूरतगढ़ के समीप नहर की पटरी पर पहुंची तो गोलू भागने लगा।
टीम ने गोलू को दौड़ाकर पकड़ा तो उसके पास से 315 बोर का एक तमंचा व दो कारतूस बरामद हुए। एसएचओ राजीव सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के बाद उसका चालान न्यायालय भेजा गया है। घटना का मुख्य आरोपी वसीम अभी तक पुलिस की पकड़ दूर है।
एसएचओ ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में गोलू ने कई राज उगले हैं। गोलू ने बताया कि सुरेंद्र के खिलाफ पहले भी चुनाव लड़ चुका धर्मनाथ गुप्ता जहां प्रधान बनना चाहता था वहीं बीडीसी सदस्य रामचंद्र पासी भी इस चुनाव में भाग्य आजमाना चाहता था। मगर सुरेंद्र इन लोगों की राह का सबसे बड़ा रोड़ा थे। इसी वजह से साजिश रचकर उनकी हत्या कर दी गई।
पुलिस की मानें तो करीब चार साल पहले नसीम और वसीम के पिता को मारपीट के एक मामले में पूर्व प्रधान सुरेंद्र प्रताप सिंह की वजह से जेल जाना पड़ा था। इसको लेकर वसीम पूर्व प्रधान से बदला लेना चाहता था। हमेशा अपने साथ रहने वाले वसीम को रामचंद्र भी इसके लिए उकसाता रहता था।
पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन वसीम ने कहा कि आज इसको निपटा ही देते हैं। एसएचओ ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त तमंचा वसीम के पास ही है जिसे वह हमेशा अपने साथ रखता था।
एसएचओ की मानें तो घटना से पहले पांचों आरोपी गांव में ही एक स्थान पर एकत्र हुए। वहां सबने साथ में शराब पी। इसके बाद सुरेंद्र को उसी दिन मारने की बात तय हुई। साजिश रचने के बाद धर्मनाथ अपने घर चला गया जबकि बीडीसी सदस्य रामचंद्र पासी, नसीम, वसीम व गोलू सुरेंद्र के घर की तरफ चले गए।
सुरेंद्र के नहीं दिखने पर गोलू ने उन्हें फोन किया। गोलू ने सुरेंद्र से कहा कि उसे तत्काल पैसों की आवश्यकता है। उस समय सुरेंद्र घर में ही थे। उन्होंने गोलू से कुछ देर बाद आने को कहा। थोड़ी ही देर बाद गोलू व वसीम सुरेंद्र के घर पहुंचे। वसीम ने घर के बाहर तख्त पर लेटे पूर्व प्रधान सुरेंद्र को गोली मार दी। इसके बाद दोनों मौके से भाग निकले।