गला रेतकर युवक की हत्या
क्रासर
अखंडनगर में सड़क किनारे मिला शव
फोटो संख्या-11
अमर उजाला ब्यूरो
अखंडनगर (सुल्तानपुर)। तेरहवी संस्कार में शामिल होने पहुंचे युवक की कुछ लोगों ने बुलाकर गला रेतकर हत्या कर दी। हत्यारे शव को सजनपुर गांव के समीप सड़क किनारे फेंक कर फरार हो गए। शुक्रवार की सुबह फॉरेंसिक व स्वॉट टीम के साथ पुलिस के अधिकारियों ने घटना स्थल क निरीक्षण किया। मृतक के नाना ने गांव के ही पांच युवकों पर हत्या की आशंका जताते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
आजमगढ़ जिले के अहिरौला निवासी राजेंद्र कुमार का बेटा शिवम (22) जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र के गैरवाह गांव निवासी नाना कन्हई के घर अपनी मां कैकेई के साथ रहता था। बृहस्पतिवार की रात कन्हई के पड़ोसी अर्जुन के घर तेरहवीं कार्यक्रम था। कार्यक्रम में शिवम भी शामिल होने पहुंचा था। देर शाम करीब छह बजे शिवम के मोबाइल पर किसी का फोन आया। उसने शिवम को डब्बू सिंह के मुर्गी फार्म हाउस पर बुलाया था। शिवम फोन आने के बाद यह बात अपने नाना कन्हई को बताते हुए बाइक से डब्बू सिंह के मुर्गी फार्म पर जाने के लिए निकल पड़ा। रात करीब आठ बजे शिवम की गला रेतकर हत्या कर दी गई और शव को अखंडनगर थाना क्षेत्र के सजनपुर गांव के समीप सड़क किनारे फेंक दिया गया। राहगीरों ने कुछ लोगों को जीप से शव फेंकते हुए देखा तो इसकी सूचना थानाध्यक्ष सचिन राठी को दी। सचिन के पास मिले पहचान पत्र के आधार पर पुलिस ने इसकी सूचना परिवारीजनों को दी। शुक्रवार की सुबह फॉरेंसिक टीम के साथ ही स्वाट टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से नमूना एकत्र किया। शिवम के नाना कन्हई ने गांव के ही महेंद्र, संदीप, महेश, मनबोध समेत पांच युवकों पर शिवम की हत्या करने का अंदेशा जताते हुए थाने में तहरीर दी। इस बाबत एसओ सचिन राठी ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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पांच दिन पूर्व हुआ था गांव के युवकों से विवाद
अखंडनगर। गौरवाह गांव निवासी कन्हई ने बताया कि शिवम ट्रैक्टर चलाता था। पांच दिन पूर्व गांव के ही पांच युवकों से उसका किसी बात को लेकंर विवाद हुआ था। युवकों ने शिवम की हत्या करने की धमकी दी थी। इसी रंजिश में उसकी हत्या की गई है।
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बुझ गया घर का चिराग
अखंडनगर। अहिरौला गांव निवासी राजेंद्र कोरी के परिवार में पत्नी कैकेई और एकलौता बेटा शिवम था। पांच वर्ष पूर्व राजेंद्र की बीमारी से मौत हो जाने के बाद शिवम अपने नाना कन्हई के घर मां कैकेई के साथ गैरवाह गांव आकर रहने लगा। शिवम की हत्या से कैकेई के घर का चिराग हमेशा-हमेशा के लिए बुझ गया।