सोनभद्र। जारकर्म मामले में सीजेएम सुबोध वार्ष्णेय की अदालत ने रेनुसागर चौकी इंचार्ज बाली मौर्या समेत दो को तलब किया है। इन्हें सम्मन के जरिए आगामी 20 दिसंबर को हाजिर होने का आदेश दिया गया है। उक्त कार्रवाई राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मरकरी गांव निवासी सत्येंद्र कुमार सिंह पुत्र श्रीकृष्ण सिंह की ओर से अधिवक्ता डीके मौर्य के जरिए दाखिल परिवाद पत्र पर की गई है।
आरोप है कि जुलाई 2016 में सत्येंद्र के घर के पास सड़क पर एक व्यक्ति का शव पड़ा था। इसकी सूचना फोन से पुलिस को दिया। सूचना पर राबर्ट्सगंज कोतवाली में तैनात एसआई बाली मौर्य पूछताछ के लिए घर पर आना-जाना शुरू कर दिए। पति-पत्नी से पूछताछ के बाद भी अकेले में पत्नी को बाहर ले जाकर होटलों में पूछताछ करने लगे। इसके बाद उसे मामले में फंसाने की धमकी देकर जारकर्म कार्य करने लगे। नाराजगी जताने पर एसआई ने पत्नी का संरक्षण करते हुए धमकी दिया। इसके बाद पत्नी जेवर लेकर मायके चली गई। 13 अप्रैल 2017 को जब बेटी का हाल जानने के लिए फोन किया तो पत्नी ने मायके बुलाया। इस पर वह रात्रि नौ बजे दुकान बंद करके ससुराल गया। वहां पर पहले से ही एसआई बाली मौर्या मौजूद रहे। जिन्होंने बेरहमी से पिटाई करते हुए दहेज के मुकदमें में फंसवाने की धमकी देकर भगा दिया। 15 अप्रैल को जिला अस्पताल में अपनी चोटों का मुआयना कराया। इसके बाद एसपी को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दिया, किंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने एसआई बाली मौर्या को आईपीसी की धारा 497, 323, 504, 506 एवं महिला को आईपीसी की धारा 506 में तलब किया है।
उधर एक अन्य मामले में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने में सीजेएम सुबोध वार्ष्णेय की अदालत ने भदोही जिले में तैनात दरोगा आशुतोष सिंह के खिलाफ पिपरी थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना का आदेश दिया है। उक्त आदेश पीड़िता के धारा 156(3) दंप्रसं के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने दिया है। आरोप है कि 26 नवंबर 2016 को शादी डाट काम वेबसाइट पर शादी के लिए प्रोफाइल लोड की थी। वाट्सअप के जरिए संपर्क हुआ तो दरोगा आशुतोष सिंह के बुलाने पर 11 दिसंबर 2016 को रेणुकूट आयी। जहां एक होटल में रात को रखकर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद दुष्कर्म करता रहा और अपने गांव युवराजपुर भी ले गया जहां दो दिनों तक रही और अपने परिवार के लोगों से मिलवाया। बाद में पता चला कि आशुतोष की शादी दूसरी जगह तय कर दी गई है। इसके बाद अपने माता-पिता के साथ अप्रैल 2017 में आशुतोष के घर गयी तो कहा गया कि यह खानदान का रिवाज है कि शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के बाद छोड़ दिया जाता है। इसकी शिकायत एसपी से की गई तो मामले की जांच की गई। जब बलात्कार के मामले में फंसने की नौबत आयी तो आशुतोष ने शादी का झांसा देकर दो मई 2017 को राबट्र्सगंज में कोर्ट मैरिज कराया। उसके बाद फिर से आशुतोष इधर-उधर भाग रहे हैं।