सुल्तानपुर। करीब 12 साल पहले हुई संदीप यादव राजन की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम की अदालत में बचाव पक्ष की तरफ से बहस नहीं पेश की गई। अपर सत्र न्यायाधीश संध्या चौधरी की अदालत ने पूर्व की स्थिति पर गौर करते हुए मामले में कड़ा रुख अपनाया है। बचाव पक्ष को नियत तिथि तक लिखित या मौखिक बहस पेश करने का आदेश जारी किया है। अदालत ने बहस के लिए 25 मई व पत्रावली में निर्णय के लिए 26 मई की तारीख नियत की है।
पीपरपुर थाने के परसूपुर मजरे रामपुर के भूतपूर्व प्रधान दशरथ यादव ने 23 अगस्त 2014 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने स्थानीय थाने के ठाकुरराम का पुरवा मजरे रामपुर गांव निवासी आरोपी सगे भाई बृजेश सिंह कल्लू, उमेश सिंह, गांव के सहआरोपी दिनेश सिंह, भारामल का पुरवा निवासी संतोष सिंह व असरवन गांव निवासी आरोपी सूरज सिंह को नामजद आरोपी बनाया है।
आरोपियों पर संदीप यादव की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या करने व शव को छिपाने के प्रयास का आरोप है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट पेश की है। आरोपी संतोष सिंह लंबे समय से गैरहाजिर है, उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है। शेष चार आरोपियों के खिलाफ मामले का विचारण वर्तमान समय में एडीजे प्रथम की अदालत में चल रहा है।