गौरीगंज। जिले के कलेक्ट्रेट और दीवानी न्यायालय का निर्माण एक ही परिसर में होगा। जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने भी अपनी मुहर लगा दी है। न्यायालय निर्माण के लिए भूमि तलाश का काम पूरा होने के बाद अब राजस्व महकमा दीवानी में तैनात न्यायाधीशों और कर्मचारियों के लिए आवासीय भूमि तलाशने की कवायद में जुटा है।
जिले में दीवानी न्यायालय व आवासीय परिसर की स्थापना के लिए बीते कई वर्ष से 50 एकड़ भूमि तलाशने की कवायद चल रही थी। उपयुक्त भूमि नहीं मिलने की स्थिति में बीते दिनों जिला प्रशासन ने शासन को एक प्रस्ताव भेजकर कलेक्ट्रेट के लिए जामों रोड पर विशुनदासपुर गांव में अधिग्रहीत की गई 36 हेक्टेयर भूमि में 11.25 हेक्टेयर (28 एकड़) दीवानी न्यायालय को देने की मंजूरी मांगी थी।
प्रस्ताव में कहा गया था कि दीवानी न्यायालय, कलेक्ट्रेट व एसपी कार्यालय एक ही परिसर में रहने से पब्लिक को सहूलियत होगी। जिला प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया था कि दीवानी न्यायालय में तैनाती पाने वाले न्यायाधीशों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर के लिए दूसरी जगह 22 एकड़ भूमि दी जाएगी। जिला प्रशासन के इस प्रस्ताव पर शासन ने अपनी मुहर लगा दी है। सूत्रों की मानें तो दीवानी न्यायालय के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में दी जाने वाली भूमि का मुआवजा भी न्याय विभाग के बजाय राजस्व महकमा ही देगा।