सुल्तानपुर। रजिस्ट्री दफ्तर के कर्मचारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के 12 साल पुराने मामले में एडीजे तृतीय राकेश पांडेय की अदालत ने यातायात पुलिस अधीक्षक मेरठ राघवेंद्र कुमार मिश्रा को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। अदालत ने 24 सितंबर को हाजिर नहीं होने पर वेतन रोकने व दंडात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी है।
अयोध्या जिले में तैनात रहे तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरसिंह नारायण पांडेय ने 10 जनवरी 2013 की घटना बताते हुए कोतवाली नगर में किराये के कमरे में रह रहे अपने पुत्र प्रवीण कुमार पांडेय को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में अपनी बहू शिक्षिका सुधा तिवारी व सीताकुंड सिविल लाइंस निवासी सह आरोपी मुन्ना उर्फ इंद्रेश तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले का ट्रायल अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में चल रहा है। इस मामले में खराब नेटवर्क होने की वजह से साक्षी यातायात पुलिस अधीक्षक राघवेंद्र कुमार मिश्र का बयान दो तिथियों से अंकित नहीं हो पा रहा है। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।