सुल्तानपुर। राजाबाबू हत्याकांड में बृहस्पतिवार को अदालत का फैसला टल गया। जिला जज ने एक आरोपी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर याचिका दाखिल करने पर पांच दिन के लिए फैसला टाल दिया है। बचाव पक्ष को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की नकल दाखिल करने के लिए निर्देश दिया है। अदालत के फैसला सुनाए जाने को लेकर कोर्ट परिसर में गहमा-गहमी का माहौल रहा।
धम्मौर की प्रधान के पति विजय कुमार सिंह उर्फ राजाबाबू की 16 नवंबर 2015 को क्षेत्र के हरिहरपुर (अकारीपुर) के पास चुनावी रंजिश को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई मनोजने धम्मौर निवासी अनुराग उर्फ अन्नू सिंह, कर्मवीर सिंह उर्फ विक्की व रमैयापुर निवासी तीरथराज सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना में कुड़वार के भंडरा गांव निवासी निर्भय सिंह उर्फ शिब्बू व नौगवांतीर गांव निवासी शिवम सिंह को भी आरोपी बनाया था। जिला जज ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद फैसला सुनाने के लिए 15 दिसंबर की तिथि नियत की थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट के फैसले को देखते हुए सुबह 10 बजे से ही दोनों पक्षों के समर्थकों की भीड़ कोर्ट पहुंचने लगी।
इसी दौरान बचाव पक्ष की ओर से प्रार्थनापत्र देकर अदालत को जानकारी दी गई कि आरोपी कर्मवीर सिंह उर्फ विक्की ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर याचिका दाखिल की है, लिहाजा फैसला सुनाने पर रोक लगा दी जाए। जिला जज ने फैसला पांच दिनों के लिए टालने का आदेश दिया। डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने बताया कि जिला जज ने बचाव पक्ष को निर्देश दिया कि वह पांच दिन के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश की नकल दाखिल करे। मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तिथि नियत की गई है।