सुल्तानपुर। दुष्कर्म की शिकार पीड़िता का गर्भपात कराने के मामले में आरोपी दंपती को एफटीसी प्रथम के न्यायाधीश अंकुर शर्मा ने शनिवार को दोषी को मानते हुए सात वर्ष की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माने में से 45 हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में मिलेंगे।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक अमेठी के संग्रामपुर क्षेत्र के एक गांव की किशोरी के साथ करीब नौ वर्ष पूर्व एक किशोर ने दुष्कर्म किया था। किशोरी गर्भवती हो गई। पीड़ित किशोरी को प्रतापगढ़ के एक नर्सिंग होम में ले जाकर काजू शर्मा व उसकी पत्नी रीता ने उसका गर्भपात करा दिया था। शनिवार को एफटीसी प्रथम के न्यायाधीश अंकुर शर्मा ने काजू शर्मा व उसकी पत्नी रीता को दोषी मानते हुए सात वर्ष की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दुष्कर्म के आरोपी के किशोर मुकदमे की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है।