दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल
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कांग्रेस व भाजपा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोर्ट के आदेश के बावजूद शनिवार को अदालत में पेश नहीं हुए। इस पर अभियोजन पक्ष ने उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तीन सितंबर के लिए अदालत में तलब करने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी लोकसभा क्षेत्र से कवि कुमार विश्वास को पार्टी प्रत्याशी बनाया था। उनके समर्थन में आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुसाफिरखाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में दो मई 2014 को चुनावी जनसभा की थी।
आरोप है कि अरविंद केजरीवाल ने जनसभा में कांग्रेस व भाजपा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। लोकसभा चुनाव के उड़न दस्ता प्रभारी/नायब तहसीलदार प्रेमचंद ने चार मई 2014 को अरविंद केजरीवाल के खिलाफ लोक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत मुसाफिरखाना में केस दर्ज कराया। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने गत दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से केस से डिस्चार्ज (उन्मोचित) करने के लिए दी गई अर्जी को खारिज कर दिया था।
कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप (चार्ज) तय करने के लिए उन्हें 27 अगस्त को तलब किया था। शनिवार को पेशी पर अरविंद केजरीवाल नहीं आए। इसके कारण उनके खिलाफ आरोप तय नहीं हो पाया। विशेष लोक अभियोजक कालिका प्रसाद मिश्र ने प्रार्थनापत्र देकर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की। कहा कि, वे जान-बूझकर मामले को विलंबित करने के लिए कोर्ट नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बचाव पक्ष की ओर से दी गई हाजिरी माफी की अर्जी खारिज करने की मांग की। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने अरविंद केजरीवाल की हाजिरी माफी अर्जी मंजूर कर उन्हें तीन सितंबर के लिए अदालत में तलब करने का आदेश दिया है।