सुल्तानपुर। अवैध गांजा बरामदगी के मामले में बने कानून के मुताबिक गिरफ्तारी के नियमों का पालन नहीं करने पर एडीजे चतुर्थ/स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट राम प्रताप सिंह राना की अदालत ने संज्ञान लिया है। मंगलवार को आए आदेश में स्पेशल जज ने आरोपी अजय सिंह को गिरफ्तार करने वाले एसआई राजेश सिंह के खिलाफ सात दिन में प्रशासनिक कार्रवाई करने व कोर्ट को सूचित करने के लिए पुलिस अधीक्षक अमेठी को आदेश जारी किया है।
अमेठी जिले के संग्रामपुर थाने में तैनात उप निरीक्षक राजेश सिंह ने अपनी टीम के साथ गत 11 जून को मुखबिर की सूचना पर मालती नदी पुल विशेषरगंज तिराहे के पास से पूरे तालुकदार मजरे गोरखापुर निवासी आरोपी अजय सिंह को गिरफ्तार कर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी अजय सिंह के पास से 1080 ग्राम अवैध गांजा की बरामदगी बताई और लिखा-पढ़ी करते हुए स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट राम प्रताप सिंह राना की अदालत में रिमांड के लिए आवेदन पेश किया। आरोपी के रिमांड पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त आधार बताते हुए आरोपी को जेल भेजने की मांग की।
वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पुलिस की कहानी व गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए रिमांड आवेदन निरस्त करने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात अदालत ने पुलिस के जरिये भारतीय संविधान व भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता के मुताबिक गिरफ्तारी के नियमों का पालन नहीं करने की वजह से विवेचक सौम्य कुमार जायसवाल का रिमांड आवेदन खारिज कर दिया और आरोपी को 50 हजार के निजी मुचलके व अंडरटेकिंग पर सशर्त रिहा करने का आदेश जारी किया है। अदालत ने पदीय कर्तव्यों का उल्लंघन करने व गिरफ्तारी के नियमों का पालन नहीं करने का मुख्य जिम्मेदार उपनिरीक्षक राजेश सिंह को मानते हुए उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का आदेश दिया है।