सुल्तानपुर। जिले में हो रही बरसात दंपती समेत तीन लोगों के लिए काल बन गई। चांदा के रामपुुर गांव में छप्पर के नीचे सो रहे दंपती पर आम का पेड़ गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई वहीं, कूरेभार के बरौला गांव में मकान की दीवार ढहने से एक बच्ची ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों की सूचना के बाद पहुंचे राजस्व कर्मियों ने घटना स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी है।
चांदा कोतवाली क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी दलित राम चरन का कच्चा मकान है। मकान के सामने ही रिहायशी छप्पर है। सोमवार की रात राम चरन (45) अपनी पत्नी रामरती (42) के साथ छप्पर के नीचे सो रहे थे जबकि बेटा अजय, विजय और संजय कच्चे मकान में सो रहे थे।
रात में बरसात हो रही थी। रात करीब दो बजे अचानक घर के पास लगा आम का पेड़ छप्पर पर गिर पड़ा। तेज आवाज के बाद लोग नींद से जागे और भागकर राम चरन के छप्पर के पास पहुंचे। इस बीच राम चरन के तीनों बेटे भी वहां पहुंच गए।
बेटों ने लोगों से बताया कि माता-पिता छप्पर के नीचे सोए थे। यह सुनते ही ग्रामीणों ने किसी तरह मलबे को हटाकर राम चरन और रामरती को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
सूचना के बाद मंगलवार की सुबह चांदा कोतवाल चंद्रभान यादव और लेखपाल बेनू शुक्ला मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दंपती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेखपाल ने नुकसान का जायजा लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी है।
उधर, कूरेभार थाना क्षेत्र के बरौला महुली गांव में मंगलवार की सुबह रामचंद्र पाल के मकान की दीवार भर-भराकर ढह गई। मकान के मलबे में रामचंद्र पाल की आठ वर्षीय बेटी लक्ष्मी दब गई। चीख-पुकार के बाद पहुंचे लोगों ने मलबा हटाकर लक्ष्मी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। लक्ष्मी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। ग्रामीणों ने घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी है।
सुल्तानपुर। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि चांदा में दंपती की मौत की जानकारी मिली है। कूरेभार में बच्ची की मौत की जानकारी के लिए टीम को भेजा गया है। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।