सुल्तानपुर। जिले में डीएम, एसपी और सीडीओ के चेहरे पर भले ही मास्क कायम हो लेकिन अधिकांश लोगों के चेहरे से यह नदारद हो चुका है। आलाधिकारी प्रतिदिन अपने दफ्तर में मास्क लगाकर न सिर्फ बैठते हैं, बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आम लोगों की समस्याएं सुनते हैं।
लोगों को कोरोना के प्रति आगाह भी करते रहते हैं लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। कोरोना की वैक्सीन आने के बाद लोग लापरवाह हो गए हैं। सोमवार को पुलिस से लेकर चिकित्सक तक बिना मास्क काम करते मिले। रोडवेज की बसों में बिना मास्क के लोग यात्रा करते पाए गए। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी लोग बेफिक्र रहे।
सोमवार की सुबह बस अड्डे पर बिना मास्क के लोग यात्रा करते मिले। रोडवेज चौकी इंचार्ज नियाजी हुसैन भी बिना मास्क के ही ड्यूटी करते मिले। कोई भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करता नहीं मिला। यही हाल गोपलादास पुल का दिखा।
दरोगा विकास कुमार भी बिना मास्क के बाइक चलाते मिले। विकास भवन के पास जूस की दुकान हो या फिर चाय की दुकान न तो दुकानदार मास्क पहने मिला और न ही जूस अथवा चाय पीने वाले लोग ही। चौक घंटा घर और सब्जी मंडी में हालात बद से बदतर नजर आए। सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी तरह से धज्जियां उड़ती दिखीं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल के मार्च माह की जैसी स्थिति अभी भी है। जिले में अब तक कोरोना से 78 लोगों की मौत हो चुकी है। कोविड-19 की सैंपलिंग चल रही है। वर्तमान में प्रतिदिन एक या दो पॉजिटिव मिल रहे हैं। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। लापरवाही कतई न बरतें।
वैक्सीन आने के बाद बढ़ी बेफिक्री
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि जिले में कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है। कोरोना योद्धाओं के फ्रंटलाइन वर्कर और बुजुर्गों को वैक्सीन दी गई थी।
वैक्सीन लगवाने के बाद तमाम लोगों ने यह भ्रम पाल लिया कि अब उन्हें मास्क लगाने की जरूरत नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि अभी भी जागरूकता की जरूरत है। लोगों को मास्क पहनने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना चाहिए। सफाई भी पूर्व की तरह होनी चाहिए। साबुन से बार-बार हाथ धोना जारी रखना होगा।
58 स्थानों पर किया गया टीकाकरण
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल समेत 58 स्थानों पर सोमवार को लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। सीएमओ ने अस्पताल पहुंचकर वैक्सीनेशन का जायजा लिया। सोमवार को जिला अस्पताल के साथ 58 स्थानों पर टीकाकरण किया गया। देर शाम तक सभी केंद्रों पर टीकाकरण चलता रहा। सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने जिला महिला अस्पताल के साथ ही कई सीएचसी व पीएचसी पर पहुंचकर वैक्सीनेशन का जायजा लिया। सीएमओ ने वैक्सीन लगवाने पहुंचे लोगों का हाल भी लिया।
टॉप टेन से पिछड़ा जिला
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में सुल्तानपुर जिला अब तक कोरोना वैक्सीनेशन के मामले में टॉप टेन में शामिल था लेकिन समीक्षा में सुल्तानपुर वैक्सीनेशन में टॉप टेन में अपनी जगह से फिसल गया है। बताया कि कोरोना वैक्सीन हफ्ते में तीन दिन जिले के 58 स्थानों पर लगाई जाती थी, शेष दिनों पर मात्र 15 स्थानों पर ही वैक्सीनेशन किया जाता था। टॉप टेन में फिर से जगह बनाने के लिए अब जिले के 58 स्थानों पर प्रतिदिन वैक्सीनेशन किया जाएगा।
वैक्सीन लगने के बाद अच्छा महसूस कर रही हूं। वैक्सीन लगवाने के बाद किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। वैक्सीन से ही कोरोना को हराया जा सकता है।
- प्रियंका पटेल, आरक्षी। (फोटो संख्या-32)
वैक्सीन लगवाने के बाद बेहद खुशी महसूस हो रही है। देश में बनी वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इसे समय पर हर किसी को लगवाना चाहिए।
- रंजना सिंह, आरक्षी (फोटो संख्या-33)
कोरोना की वैक्सीन लगवाने के बाद मैं पूरी तरह से फिट हूं। वैक्सीन लगवाने के लिए दूसरे लोगों को भी प्रेरित करूंगी। वैक्सीन से किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
- प्रेमलता दीक्षित, इंस्पेक्टर (फोटो संख्या-34)
आज कोरोना की वैक्सीन लगवाया है और पूरी तरह से फिट हूं। देश में बनी कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। देश के वैज्ञानिकों पर पूरा भरोसा है। लोगों को समय पर वैक्सीन लगवानी चाहिए।
- अरुण मिश्र, होमगार्ड (फोटो संख्या-35)