सुल्तानपुर। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म से जुड़े आठ साल पुराने मामले में दो दिन पूर्व दोषी ठहराए अभियुक्त मित्रसेन की सजा पर बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनवाई। साथ ही 13 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अदालत ने दोषी को सजा काटने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है।
गोसाईगंज थाने के एक गांव की रहने वाली किशोरी के परिजनों ने तीन मई 2018 को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक उनकी पुत्री का मित्रसेन ने अपहरण कर लिया था। इसके बाद उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। आरोपी के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान आरोप की पुष्टि भी हुई। इस मामले का ट्रायल स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चला।
अदालत ने सोमवार को मामले में मित्रसेन को दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट सहित अन्य अपराध में दोषी मानते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। उसे जेल से तलब कर अदालत ने बुधवार को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया।