सुल्तानपुर। सरकार की ओर से कोरोना काल में छात्रों को भेजा गया पैसा खाते में नहीं जा पा रहा है। परेशान अभिभावक स्कूल व बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। मामला बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा कटका खानपुर से जुड़ा है।
कोरोना काल में विद्यालय बंद होने से सरकार की ओर से स्कूली छात्रों को मध्याह्न भोजन के बदले छात्रों को राशन व कन्वर्जन कॉस्ट का पैसा उनके बैंक खातों में भेजा जा रहा है।
कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को मिड-डे मील दिया जाता है। इसके लिए कन्वर्जन कॉस्ट के रूप में शासन से अभी तक प्राथमिक विद्यालयों में 4.48 रुपये और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 6.51 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से भेजे जाते थे।
सरकार ने एक अप्रैल से कन्वर्जन कॉस्ट में वृद्धि कर दी है। प्राथमिक में 4.97 रुपये और पूर्व माध्यमिक में 7.45 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से भेजी जा रही है। स्कूलों का एमडीएम निधि खाता जिस बैंक में संचालित है, उस बैंक को शिक्षक चेक व छात्रों की सूची उपलब्ध करा देते हैं।
बैंक कर्मी उसी अनुसार छात्रों के खाते में राशि नेफ्ट कर देते हैं। यह कार्य जिले की सभी बैंकों में हो रहा लेकिन कटका ग्रामीण बैंक की शाखा में शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है। बैंक के रवैये व स्कूल के खाते से कन्वर्जन कॉस्ट छात्रों के खाते में नहीं भेजे जाने की शिकायत दर्जन भर प्रधानाध्यापकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से की है।
स्कूल व बैंक के चक्कर लगा रहे अभिभावक
सुल्तानपुर। छात्रों के खाते में पैसा नहीं आने पर अभिभावक स्कूल व बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। आए दिन वे अपना अकाउंट चेक करने शाखाओं पर पहुंच जा रहे हैं। वहीं, विभागीय कार्यों से छुट्टी के बीच स्कूल खुलने की जानकारी होते ही अभिभावक शिक्षकों से पैसा नहीं मिलने की शिकायत करने आ रहे हैं।
स्कूल पहुंची विमला, सीमा, ऊषा, सुनीता, शिवकुमारी, सुषमा, सुशीला, सहदाब अली, महताब अली, रूबी समेत अन्य अभिभावकों ने बताया कि अगल-बगल के पढ़ने वाले छात्रों को सरकार की ओर से भेजा पैसा मिल रहा है लेकिन हम लोगों के खाते में पैसा नहीं आया।
इस संबंध में बैंक के उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। इस मुद्दे से जिलाधिकारी को भी अवगत कराया जाएगा।
- दीवान सिंह यादव, बीएसए।