सुल्तानपुर। गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में दायर मानहानि केस में मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी कोर्ट में पेश नहीं हुए। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने अंतिम अवसर देते हुए अगली पेशी पर न आने पर उत्पीड़क कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। मामले में अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र ने अदालत में परिवाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि वर्ष 2018 में कर्नाटक के विधानसभा चुनाव के दौरान बंगलूरू में राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कोर्ट ने राहुल गांधी को 27 नवंबर 2023 को विचारण के लिए तलब किया था। 20 फरवरी को राहुल गांधी ने कोर्ट में हाजिर होकर अपनी जमानत कराई थी।
कई पेशी से उनके बयान दर्ज होने की कार्रवाई में मामला विचाराधीन है। मंगलवार को राहुल गांधी के अधिवक्ता ने प्रार्थनापत्र देकर कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के कारण अदालत नहीं आ पाए हैं। इसका परिवादी के अधिवक्ता ने विरोध करते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अंतिम अवसर देते हुए अगली सुनवाई के लिए 26 जुलाई की तिथि नियत कर दी है। साथ ही अदालत ने अगली पेशी पर न आने पर राहुल गांधी के खिलाफ उत्पीड़क कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।