सुल्तानपुर। क्षेत्र पंचायत प्रमुख के चुनाव में सत्तासीन पार्टी के ठप्पे से ही प्रत्याशियों की जीत तकरीबन पक्की नजर आने लगी है। स्थितियों व अन्य पार्टियों के रुख के मद्देनजर ऐसे आसार बनने लगे हैं। कांग्रेस व बसपा चुनाव में वॉकओवर देने के मूड में आ गई जबकि सपा मैदान में कूदने की फिराक में है लेकिन अभी तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं हो सकी है।
पार्टी के निर्देश पर जिला पंचायत के बाद भाजपा ने क्षेत्र पंचायत प्रमुख के चुनाव पर अपना ध्यान केंद्रित कर दिया है। भाजपा से प्रत्याशी बनने की दावेदारों की कतार लगी है। प्रत्येक विकास खंड दो से तीन दावेदार सत्तासीन दल से सामने आ गए हैं। इनमें ज्यादातर दावेदारों ने अपने पक्ष में क्षेत्र पंचायत सदस्यों को भी येन-केन-प्रकारेण सुरक्षित कर लिया है। सदस्यों के बूूते वे दावेदारी ठोंक रहे हैं।
अब दावेदारों को प्रत्याशी के लिए पार्टी की ओर से मुहर लगने की दरकार है जबकि विपक्षी दलों के दावेदार सत्तापक्ष की तैयारी के आगे कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। कांग्रेस व बसपा प्रमुखी के चुनाव में वॉकओवर देने के मूड में दिखाई दे रही है।
बसपा जिलाध्यक्ष रमेश गौतम का कहना है कि पार्टी की ओर पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं ल ेने का निर्देश मिला है जबकि कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा का कहना है कि पार्टी स्वयं चुनाव न लड़कर किसी प्रत्याशी को समर्थन देने पर विचार कर रही है। पार्टी के निर्देश के मुताबिक निर्णय लिया जा सकेगा।
सपा जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव का कहना है कि पार्टी प्रमुख के चुनाव में हिस्सा लेगी। प्रदेश नेतृत्व की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा जल्द कर दी जाएगी। हालांकि अभी तक सपा ने किसी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। तीनों प्रमुख पार्टियों की स्थिति को देखते हुए सत्तासीन पार्टी में ही प्रत्याशी को लेकर घमासान है। सत्तासीन पार्टी के दावेदारों को भरोसा है कि पार्टी का ठप्पा लगते ही उनकी जीत तकरीबन पक्की हो जाएगी।