सुल्तानपुर। बच्चों को रटने के बजाय रोचक और रचनात्मक तरीके से पढ़ाने के लिए अब माध्यमिक के शिक्षकों की कलात्मक प्रतिभा को मंच दिया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) की ओर से समृद्धि राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य माध्यमिक के शिक्षकों की कला और शिक्षण पद्धतियों को एक साथ जोड़कर विद्यार्थियों को पढ़ाई का नया अनुभव देना है।
एडीआईओएस जटाशंकर यादव ने बताया कि प्रतियोगिता ऑनलाइन आयोजित होगी। शिक्षकों की कलात्मक प्रतिभा और कला समेकित शिक्षण शास्त्र को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रतियोगिता को कला उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी है। देशभर से चयनित शिक्षक अपनी शिक्षण शैली को कला के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।
जिला स्तर पर प्रतियोगिता के लिए गूगल फॉर्म 15 सितंबर तक भरे जाएंगे, और परिणाम 20 सितंबर तक घोषित होंगे। इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य स्तरीय फार्म 10 अक्तूबर तक भरने की अंतिम तिथि तय की गई है और प्रतियोगिता 15 अक्तूबर तक पूरी कर ली जाएगी। परिणाम 20 अक्तूबर तक एनसीईआरटी को भेजे जाएंगे।
प्रतियोगिता में कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षक, चाहे वे राज्य बोर्ड, केंद्रीय बोर्ड, राजकीय, एडेड या निजी विद्यालय से हों, सभी भाग ले सकेंगे। इससे शिक्षकों की कला को मंच मिलेगा और उन्हें छात्रों के साथ बेहतर ढंग से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
कक्षा कक्ष में पढ़ाई का माहौल होगा बेहतर
यह प्रतियोगिता शिक्षकों की रचनात्मकता को सामने लाने का सुनहरा अवसर है। इसके जरिए कक्षा कक्ष में पढ़ाई का माहौल और भी बेहतर होगा। कला के माध्यम से शिक्षा को अधिक रोचक और प्रभावी बनाया जा सकता है।-सूर्य प्रकाश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक