सुल्तानपुर। चिकित्सक की लापरवाही से महिला की हुई मौत के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश के बावजूद पीड़ित परिवार को क्षतिपूर्ति नहीं मिल पाई है। फोरम ने दो माह के अंदर परिवार को 55 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया था। मामला लंभुआ तहसील क्षेत्र के पूरे कृता गांव से जुड़ा है।
पूरे कृता गांव निवासी सूर्यभान उपाध्याय ने कैलाश नगर स्थित लालमनी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डाॅ. एपी तिवारी व हॉस्पिटल से संबद्ध सर्जन डॉ. आनंद सिंह के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में 16 सितंबर 2017 को मुकदमा दायर किया था। परिवादी का कहना है कि उन्होंने प्रसव के लिए पत्नी अदिति को पहली मार्च 2017 को लालमनी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था जहां डॉ. आनंद सिंह ने अदिति का सीजर ऑपरेशन किया था। पुत्र पैदा हुआ था।
सूर्यभान का आरोप है कि हॉस्पिटल में लापरवाही की वजह से अदिति की तबीयत खराब हो गई थी। सात मार्च 2017 को अदिति को जांच के लिए गोलाघाट स्थित गोमती हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ले जाया गया जहां जांच के बाद पता चला कि उसे सेप्टिक हो गया है। इसके बाद फिर अदिति को लालमनी हॉस्पिटल ले जाया गया जहां कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई थी। यह भी आरोप है कि चिकित्सकों ने धमकाकर हार्ट फेल हो जाने से अदिति की मौत होने का कारण बताकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया था।
जिला उपभोक्ता फोरम ने विपक्षी डाॅ. एपी तिवारी व डॉ. आनंद सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था लेकिन वे न तो हाजिर हुए और न ही अपना जवाब दिया। 16 मई 2023 को फोरम के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल और सदस्य पुष्पा सिंह व भारत भूषण तिवारी ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद डाॅ. एपी तिवारी व डॉ. आनंद सिंह को आदेश दिया था कि वे परिवादी सूर्यभान को दो माह के अंदर 55 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान करें। सूर्यभान का कहना है कि आदेश हुए दो माह से ज्यादा का समय बीत गया लेकिन उन्हें क्षतिपूर्ति की रकम नहीं मिली।