सुल्तानपुर। कलेक्ट्रेट भवन का करीब 36 लाख रुपये से कायाकल्प कराया जाएगा। इसके तहत भवन की मरम्मत के साथ अधिकारियों का दफ्तर भी आधुनिक बनाया जा रहा है। दो खंडों में काम कराए जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यदायी संस्था ने काम शुरू कर दिया है।
करीब 100 वर्ष पहले बना कलेक्ट्रेट का मुख्य भवन कई जगहों पर जर्जर हो गया था। भवन की छत कई जगहों पर बारिश के समय रिसने लगी थी। विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय पुरानी तरह के बने थे। इसे देखते हुए करीब छह माह पहले तत्कालीन जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने कलेक्ट्रेट भवन की मरम्मत व अधिकारियों के ऑफिस को आधुनिक बनाने की सहमति दी थी।
उनकी पहल पर कलेक्ट्रेट भवन की मरम्मत के लिए ई-ड्रिस्ट्रक्टि परियोजना से करीब 30 लाख रुपये मंजूर हुए थे। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों व सभागार को भी आधुनिक बनाने की सहमति दी थी। भवन की मरम्मत का काम ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपा गया है।
आदेश के बाद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट सभागार को आधुनिक बनाने का काम भी शुरू हो गया है। कार्यदायी संस्था ने एडीएम वित्त एवं राजस्व व एडीएम प्रशासन के कार्यालय को आधुनिक बना दिया है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद रंगाई-पुताई का काम भी कराया जाएगा। बारिश शुरू होने के पहले काम पूरा कराने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक काम पूरा होने पर कलेक्ट्रेट नए लुक में आ जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट कहकशां अंजुम ने बताया कि ई-डिस्ट्रक्टि परियोजना से भवन के कायाकल्प का काम कराया जा रहा है।