शासन की सख्ती के बावजूद जिले में स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने में फेल जिला अस्पताल के सीएमएस का शासन ने तबादला कर दिया। प्रभारी मंत्री, ऊर्जा मंत्री से लेकर डीएम व सीडीओ तक के औचक निरीक्षण में मरीजों ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों बाहर से दवाएं लिखे जाने की शिकायतें की थीं। शासन ने तत्काल सीएमएस को बिना रिलीवर का इंतजार किए अपना चार्ज छोड़ने का आदेश दिया है।
जिला अस्पताल में मरीजों को बाहर से दवाएं लिखे जाने की शिकायतें आम थी। जिले के प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने 11 मई को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान मरीजों ने दवा बाहर से लिखे जाने की शिकायतें की थीं, जबकि भाजपा नेता शिवपाल सिंह उर्फ गांधी ने सीएमएस डॉ. जलालुद्दीन पर 10 वर्षों से जमे होने का आरोप लगाया था। उसके बाद ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने 25 मई को औचक निरीक्षण किया था। ऊर्जा मंत्री को कई मरीजों ने बाहर से दवाएं लिखे जाने की पर्ची दिखाकर स्वास्थ्य सेवा की पोल खोल कर रख दी थी।
28 मई को सीडीओ रामयज्ञ मिश्र ने भी जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। सीडीओ के सामने भी कई मरीजों ने अपना दुखड़ा रोया था। हाल ही में जिलाधिकारी हरेंद्रवीर सिंह ने नौ जून को जिला अस्पताल का एक बार फिर औचक निरीक्षण किया। गड़बड़ियां मिलने पर डीएम ने शासन को पत्र लिखने की बात कही थी। सोमवार को शासन ने सीएमएस डॉ. जलालुद्दीन का तबादला कर दिया।
बस्ती किया गया तबादला: सीएमओ
सुल्तानपुर। सीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि शासन ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जलालुद्दीन का तबादला बस्ती कर दिया है। सीएमएस को तत्काल पद छोड़ने को कहा गया है। अभी किसी को सीएमएस का चार्ज नहीं दिया गया है।