उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना व दायित्वों में लापरवाही कलेक्ट्रेट कार्यालय में तैनात न्यायिक लिपिक को भारी पड़ी। डीएम ने लिपिक को निलंबित करते हुए उससे सात दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। जारी आदेश में जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया है।
जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय ने बीते 19 सितंबर को कलेक्ट्रेट कार्यालय में तैनात न्यायिक लिपिक सुभाष को किसी मामले में शासन को एक पत्र भेजने को कहा था। डीएम की ओर से आदेश जारी होने के बावजूद लिपिक ने शासन को पत्र नहीं भेजा।
इसकी जानकारी मिलने के बाद नाराज डीएम ने आदेश की अवहेलना व दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करने के आरोप में न्यायिक लिपिक सुभाष को सस्पेेंड करते हुए उससे सात दिन में जवाब एडीएम कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा है।
डीएम ने एडीएम से कहा कि जवाब संतोषजनक नहीं होने की स्थिति में लिपिक के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए। डीएम का आदेश सार्वजनिक होने के बाद कलेक्ट्रेट कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।