सुल्तानपुर। मौसम में बदलाव के बीच जिले में डायरिया ने पांव पसार लिया है। सोमवार को अस्पताल पहुंचने वाले कई बच्चों में डायरिया के लक्षण मिले तो कुछ को भर्ती भी करना पड़ा। ऐसे में जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड भरा नजर आया।
दूषित और ठंडा पानी पीने से छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक रोजाना पेट दर्द और तेज बुखार से पीड़ित होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या ज्यादा है। बेड खचाखच भरे हैं।
चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती अमहट निवासी यश (5), अलीगंज निवासी अर्धेंद्र (2), अमिलिया निवासी आयांश (3) डायरिया से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में 126 बच्चों को उन्होंने देखा।
इनमें से ज्यादातर बच्चे डायरिया और बुखार से पीड़ित थे। मौजूदा समय में ठंडा पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। इसके साथ ही दूषित पानी भी डायरिया का प्रमुख कारण है। ओपीडी में जिन बच्चों की जांच की जा रही है, उनमें से ज्यादातर बच्चे डायरिया से पीड़ित हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि बुखार के साथ बदहजमी की शिकायत, भूख न लगना, मिचली आना, मिचली के साथ पतले दस्त की शिकायत, कभी-कभी उल्टी-दस्त की समस्या एक साथ होना डायरिया के प्रमुख लक्षण हैं।
डायरिया होने की दशा में ओआरएस घोल निरंतर पिलाएं। डायरिया के साथ बुखार होने पर माथे पर पानी की भीगी पट्टी रखें। तली-भुनी चीजों और बासी खाना बिलकुल न खाएं। ठंडा पानी पीने से परहेज करें। इसके साथ ही पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला अस्पताल में तत्काल दिखाना चाहिए।
-डॉ. एसके गोयल, सीएमएस, जिला अस्पताल