भदैंया के नारायणपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में रंगों से सराबाेर बच्चे। स्रोत- विद्यालय
सुल्तानपुर। होली पर अवकाश से पहले शनिवार को जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में रंगों की फुहार और उत्साह से सराबोर नजर आए। छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया और गले मिलकर शुभकामनाएं दीं। कहीं होली के गीत गूंजे तो कहीं शिक्षकों ने पर्व के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
भदैंया के उच्च प्राथमिक विद्यालय नारायणपुर में बच्चों ने पारंपरिक अंदाज में होली खेली। गुलाल उड़ाते हुए विद्यार्थियों ने आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश उपाध्याय समेत विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे। भदैंया के कंपोजिट विद्यालय खानीपुर में शिक्षकों ने आपस में अबीर-गुलाल लगाकर होली मनाई। शिक्षक शक्ति प्रकाश पाठक ने बच्चों को होली का महत्व बताया। इस मौके पर प्रधानाध्यापक हनुमंत कुमार सिंह, शिक्षक विजय कुमार, शिक्षामित्र सत्येंद्र सिंह उपस्थित रहे।
जयसिंहपुर क्षेत्र के मॉडल इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय वैदहा में प्रधानाध्यापिका कांति सिंह ने बच्चों को बताया कि होली आपसी सद्भाव और मेलजोल का पर्व है। शिक्षक रवि प्रकाश ने होली के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। बच्चों ने संयमित और सुरक्षित ढंग से रंगोत्सव मनाया। कादीपुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में होली मिलन समारोह आयोजित हुआ। संगीताचार्य दीनबंधु सिंह ने पारंपरिक होली गीतों से माहौल को उत्सवमय बना दिया। प्रबंधक दयाराम यादव ने होली को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया, जबकि प्रधानाचार्य अवधेश कुमार मिश्रा ने भारतीय परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया।अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं और सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल होली मनाने का संकल्प लिया।