सुल्तानपुर। 11 साल पहले ड्यूटी पर जा रहे सफाई कर्मी रामराज कश्यप हत्याकांड में अभियोजन पक्ष कोई गवाह नहीं पेश कर सका। शनिवार को किशोर न्याय बोर्ड के जज राहुल आनंद ने साक्ष्य के अभाव में बाल अपचारी को बरी कर दिया। इस मामले के सहआरोपी हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सिंह मुन्ना के खिलाफ एडीजे चतुर्थ की अदालत में ट्रायल चल रहा है। इसमें सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख नियत है।
धम्मौर थाने के एक गांव निवासी वादी मुकदमा राम किशोर कश्यप ने तीन जून 2014 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक उनके छोटे भाई रामराज कश्यप सफाई कर्मी पद पर कोटवा गांव में तैनात रहे, जो घर से ड्यूटी के लिए जा रहे थे। सरकंडेडीह शाहपुर गांव के पास दिन में करीब साढ़े नाै बजे मुर्गी फार्म हाउस के आगे बाइक सवार तीन आरोपियों ने लोहे की राॅड व तमंचे से हमला कर दिया। हमले में आई चोटों से सफाई कर्मी रामराज कश्यप की मौत हो गई।
मृतक के बड़े भाई ने मामले में कोतवाली नगर के रामनगर इमलिया निवासी आरोपी जितेंद्र सिंह व कोतवाली नगर के एक बाल अपचारी व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने बाल अपचारी के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष चार्जशीट पेश की। हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सिंह मुन्ना के खिलाफ सेशन कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हुआ। किशोर न्याय बोर्ड में चल रहे विचारण के दौरान अदालत के बार-बार निर्देशों के बाद भी अभियोजन पक्ष कोई भी मौखिक गवाह नहीं पेश कर सका।
अभियोजन की इस लापरवाही को देखते हुए बोर्ड ने साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया और मामले में कार्यवाही आगे बढ़ा दी। किशोर न्याय बोर्ड के जज राहुल आनंद ने सबूतों के अभाव में बाल अपचारी को दोषमुक्त कर दिया। जितेंद्र के मामले में साक्ष्य पर सुनवाई अगली तारीख को होगी।