सुल्तानपुर। वर्ष 2016 में धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान बलवा व मारपीट करने के मामले में आरोपी इसौली के पूर्व विधायक व उनके पूर्व ब्लॉक प्रमुख भाई समेत चार आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत की कोर्ट में आरोप (चार्ज) तय किया गया। कोर्ट ने गवाहों को तलब करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए छह जनवरी 2020 की तिथि नियत की है। मामला कूरेभार थाने से जुड़ा है।
धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख के लिए वर्ष 2016 में हो रहे चुनाव में सपा समर्थक प्रत्याशी नीलम सरोज का परचा दाखिल कराने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह, अपने पति शिव कुमार सिंह व अन्य समर्थकों के साथ धनपतगंज ब्लॉक मुुख्यालय पर गई थी।
आरोप है कि इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू ने अपने समर्थकों के साथ हमला कर दिया था। मामले में नीलम सरोज ने पूर्व विधायक समेत कई लोगों पर केस दर्ज कराया था।
इसी मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू, समर्थक अतुल सिंह, राममूर्ति सिंह व अजीत यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। आरोपी अजीत यादव की मौत हो जाने के कारण उसके खिलाफ मुकदमा समाप्त कर दिया गया है।
मंगलवार को पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू, समर्थक अतुल सिंह व राममूर्ति सिंह कोर्ट में पेश हुए।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता मदन सिंह ने बताया कि स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत ने पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू और समर्थक अतुल सिंह व राममूर्ति सिंह के खिलाफ बलवा, मारपीट, हमला करने के साथ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप (चार्ज) तय किया है। कोर्ट ने गवाहों को तलब करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए छह जनवरी की तिथि नियत की है।