सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में एक बार फिर बदलाव की आशंका बढ़ गई है। पंचायत चुनाव का अंतिम चरण 29 अप्रैल को है। मतगणना दो मई को होनी है। ऐसे में पूर्व में प्रस्तावित 24 अप्रैल से बोर्ड परीक्षा के आगे बढ़ने के आसार हैं। परीक्षा तिथि में बदलाव की आशंका के बीच परीक्षा केंद्रों पर हो रही तैयारियों में सुस्ती आ गई है।
यूपी बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम 24 अप्रैल से शुरू होकर 12 मई तक रखा गया था। कार्यक्रम के मद्देनजर तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही थीं। प्रदेश में पंचायत चुनाव का पहला चरण 15 अप्रैल व अंतिम चरण 29 अप्रैल को घोषित हो गया है।
साथ ही सभी चरण के चुनावों की मतगणना एक साथ दो मई को होनी है। बोर्ड परीक्षा केंद्र बने कई माध्यमिक विद्यालयों को मतदेय स्थल बनाया गया है। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षा में लगाए गए अधिकांश अधिकारियों-कर्मचारियों को पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर लगाया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के लिए तैनात की जाने वाली पुलिस भी पंचायत चुुनाव में निर्वाचन ड्यूटी पर लगाई गई है। ऐसे में पंचायत चुनावों के मद्देनजर बोर्ड परीक्षा का आयोजन संभव हो पाने की उम्मीद नहीं है। इसे देखते हुए परीक्षा तिथियों में बदलाव के आसार बढ़ गए है।
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अब बोर्ड परीक्षा मई के प्रथम सप्ताह से शुरू होने के आसार हैं। पूर्व में प्रस्तावित 24 अप्रैल की परीक्षा तिथि के मुताबिक जिले में तैयारियां कराई जा रही थीं लेकिन पंचायत चुनाव के बाद बोर्ड परीक्षा का आयोजन होने की उम्मीद के मद्देनजर तैयारियों में सुस्ती आ गई है।
मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करने का काम भी मंद पड़ गया है। यूपी बोर्ड की ओर से इंटरमीडिएट की एक लाख 66 हजार उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गई थीं, जबकि हाईस्कूल की एक भी उत्तर पुस्तिका अभी तक नहीं आईं हैं।
शामिल होंगे 79,369 परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार 79,369 परीक्षार्थी हिस्सा लेंगे। हाईस्कूल संस्थागत परीक्षार्थी 22,647 बालक व 20,540 बालिका समेत कुल 43,187 परीक्षार्थी हैं। व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में 210 बालक व 27 बालिका समेत कुल 237 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इंटरमीडिएट में संस्थागत परीक्षार्थी के रूप में 17,494 बालक व 17,567 बालिकाओं समेत कुल 35,061 परीक्षार्थियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।
पूरी तैयारी रखें केंद्र व्यवस्थापक
सभी परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश जारी किया गया है कि वे अपने स्तर से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। शासन एवं बोर्ड से जल्द ही संशोधित परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने के आसार हैं। तैयारियों में कोई कोर-कसर नहीं रहनी चाहिए।
- वीपी सिंह, डीआईओएस।