सुल्तानपुर। हत्या के केस को गैर इरादतन हत्या में दर्ज करने के मामले में बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश हुए चांदा एसओ व विवेचक दरोगा ने गलती स्वीकार कर ली। विवेचक दरोगा ने कहा कि जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं की। उन्होंने भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं होने की बात कहते हुए कोर्ट से क्षमा मांगी। जिला जज जयप्रकाश पांडेय ने सुनवाई करने के बाद आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
चांदा थाना क्षेत्र के रजवाड़े रामपुर गांव निवासी दिनेश को गांव के ही मनीष व राहुल दो जून को घर से बुलाकर बाजार के लिए ले गए थे। गांव में पावर हाउस के पास मनीष, राहुल व गांव के अभी उर्फ सचिन ने दिनेश को पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अस्पताल में उसी दिन दिनेश की मौत हो गई थी। उनकी पत्नी पिंकी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था।
आरोपी राहुल की अग्रिम जमानत अर्जी पर केस डायरी व अन्य अभिलेख नहीं भेजने पर जिला जज ने चांदा एसओ व विवेचक को व्यक्तिगत रूप से तलब कर स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही हत्या के केस को गैर इरादतन हत्या में दर्ज करने का कारण भी पूछा था। डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश हुए चांदा एसओ रवींद्र सिंह व विवेचक दरोगा चुन्नूलाल ने हत्या के मामले को गैर इरादतन हत्या में दर्ज करने पर गलती मानी।
विवेचक ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि अदालत के आदेश की जानबूझकर अवहेलना नहीं की। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी। इसके लिए उन्हें क्षमा किया जाए। इसके बाद जिला जज ने आरोपी राहुल की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई की। दोनोंं पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध गंभीर मानते हुए जिला जज ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।