विजेथुआ महावीरन धाम के गर्भगृह में स्थित बजरंगबली का विग्रह। संवाद
सूरापुर। शिमला और मनाली के बजाय इस बार ज्यादातर लोग धार्मिक स्थलों पर जाना पसंद कर रहे हैं। इस बार जिले और आसपास के लोग पौराणिक धर्मस्थली विजेथुआ महावीरन धाम, लोहरामऊ देवी मंदिर, जनवारीनाथ धाम व अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन कर नए साल की शुरुआत करेंगे।
विजेथुआ धाम के पुजारी वीरु मिश्र ने बताया कि नववर्ष का पहला दिन बृहस्पतिवार को पड़ेगा, जिसे धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जा रहा है। विजेथुआ महावीरन धाम के पुजारी शनी पांडेय ने बताया कि नववर्ष के दिन बजरंगबली के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। मंदिर समिति ने बजरंगबली के विग्रह के शृंगार की विशेष व्यवस्था की है। शहर के राम अनुज ने बताया कि हर बार हिमाचल प्रदेश जाते थे, इस बार नववर्ष पर विजेथुआ परिवार सहित दर्शन करने जाएंगे। बंधुआकला के विपिन अग्रहरि ने बताया कि वे हर साल मनाली जाते थे, लेकिन इस बार विजेथुआ व लोहरामऊ देवी दर्शन के साथ नववर्ष की शुरुआत करेंगे। इधर, मंगलवार को आयोजन के लिए तैयारियों होती रही।