नोटबंदी के बाद बैंकों में लगी कैश डिपॉजिट मशीनें भी बंद हो गई हैं। ये मशीनें 2000 व 500 रुपये के नए नोट नहीं ले रही हैं। पुराने नोटों की फीडिंग दो महीने बाद भी नहीं हटाई गई है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि नए नोटों की सेटिंग होने के बाद ही सीडीएम में कैश जमा हो सकेगा।
आठ नवंबर के बाद से बैंकों में लगी सीडीएम (कैश डिपॉजिट मशीन) कैशलेस हो गईं। बैंकों में खाताधारकों की सुविधा के लिए लगाई गई सीडीएम नोटबंदी के बाद से बंद पड़ी हैं। इन मशीनों की कोई सुधि लेने वाला नहीं है। जिले में संचालित एटीएम पर बैंक की ओर से 2000 व 500 रुपये के नए नोटों की सेटिंग कर दी गई, लेकिन सीडीएम नहीं दुरुस्त की गई। जिले की प्रमुख बैंकों की ओर से सात सीडीएम लगाई गई है।
इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा की तीन सीडीएम हैं। इनमें से मेन ब्रांच, एटीएम हब के अलावा गभड़िया पर सीडीएम लगाई गई है। इलाहाबाद बैंक की शाखा में भी सीडीएम लगी है, जो नोटबंदी के बाद से निष्प्रयोज्य पड़ी है। शाखा प्रबंधक दिलीप सरकार ने बताया कि नई सेटिंग के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। एसबीआई की मेन ब्रांच व पयागीपुर स्थित शाखा में भी सीडीएम बंद पड़ी है।
इसके अलावा पीएनबी की मेन ब्रांच में लगी सीडीएम का प्रयोग बैंक के खाताधारक नहीं कर पा रहे हैं। बैंक अधिकारियों के मुताबिक इन मशीनों को नोटबंदी के बाद से ही बंद कर दिया गया है। लोग मशीनों में छेड़छाड़ न कर सकें इसलिए इन्हें ऑफ किया गया है।