सुल्तानपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व दो अन्य के खिलाफ दायर मानहानि केस को एमपी-एमएलए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने बुधवार को खारिज कर दिया। परिवादी के वकील ने बहस के लिए मौका मांगा था।
यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष वरुण मिश्र ने 22 फरवरी 2018 को गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय जायसवाल और विनय मालवीय के खिलाफ अदालत में परिवाद दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि गृहमंत्री अमित शाह ने 10 जून 2017 को छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
परिवादी ने अजय जायसवाल और विनय मालवीय पर सोशल मीडिया में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। परिवादी व अन्य गवाहों का बयान दर्ज होने के बाद पिछली कई पेशियों से तलबी बहस में मामला नियत था। बुधवार को परिवादी वरुण मिश्र के अधिवक्ता रवि शुक्ल ने बीमार होने के कारण बहस करने में असमर्थता जताते हुए मौका देने की मांग की थी। कोर्ट ने मामले को खारिज कर दिया है।
मनमाना है ट्रायल कोर्ट का आदेश : अधिवक्ता
गृहमंत्री व दो अन्य के खिलाफ परिवाद दायर करने वाले यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष वरुण मिश्र के अधिवक्ता रवि शुक्ल ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का आदेश मनमासा है। इस आदेश को ऊपरी कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।