गौरीगंज। केंद्र व प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना जल संचयन को लेकर नवागत डीएम गंभीर हैं। डीएम ने जिले के समस्त जिला स्तरीय कार्यालयों के साथ ही तहसील, ब्लॉक व नगरपालिका/नगर पंचायत में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू कराने का निर्णय लिया है।
शनिवार को जिले का कार्यभार ग्रहण करने के बाद अवकाश पर गए डीएम प्रशांत शर्मा मंगलवार सुबह सीधा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित तहसील समाधान दिवस में पहुंचे।
दिवस के बाद डीएम ने अफसरों के साथ बैठक कर जल संचयन के लिए जिले में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू कराने का निर्णय लिया। डीएम ने जिला स्तरीय सभी कार्यालयों, तहसील व ब्लॉक भवन तथा नगर पालिका व नगर पंचायत भवनों को प्रथम चरण में शामिल कराने का निर्णय लिया है।
डीएम ने विभागाध्यक्षों को सरकारी भवनों की छतों से निकलने वाले बरसात के पानी को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के तहत रिचार्ज कराने के लिए समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
विभागाध्यक्षों के साथ ही डीएम ने इस सिस्टम को लागू कराने के लिए सीडीओ प्रभुनाथ को जिम्मेदारी सौंपी है। सीडीओ ने सभी विभागाध्यक्षों को सहायक अभियंता लघु सिंचाई से समन्वय स्थापित कर तत्काल बरसात के पानी को रिचार्ज करने के लिए कार्य संपादित कराने का निर्देश दिया है। डीएम ने इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीएम प्रशांत शर्मा ने बताया कि सरकारी भवनों की छत से गिरने वाले बरसात के पानी को पाइप व नाली के जरिए एक टैंक में एकत्र किया जाएगा। इसके बाद इकट्ठा पानी को शुद्ध करने के लिए उसे दूसरे टैंक में गिराया जाएगा, जहां से पानी को शुद्ध कर भूमि की सतह में प्रवेश कराया जाएगा।
पीडी आशुतोष दुबे ने बताया कि सभी सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को तैयार कराने की जिम्मेदारी लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को दी गई है। उनकी ओर से सभी विभागाध्यक्षों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।