केंद्रीय वित्त मंत्री के बजट ने किसानों व गरीबों को राहत दी है लेकिन मध्य वर्ग को बड़ा झटका मिला है। बजट से किसानों को कृषि क्षेत्र में रौनक की उम्मीद जगी है। डायलिसिस सेंटर से किडनी के रोगियों को जिले में ही सुविधाएं
मिल सकेंगी।
सोमवार को केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में समाज के विभिन्न तबकों के लिए दी गई व्यवस्था पर लोगों ने अपनी राय दी। बजट को किसानों ने सराहा तो अमीरों एवं व्यवसायियों ने इसे मिला-जुला बताया। कर्मचारी व अधिकारी भी बजट से खुश नजर नहीं आए। खासकर सोने के आभूषणों का दाम बढ़ने पर महिलाएं भी खुश नहीं दिखीं।
किसानों ने बजट को सराहा
आम बजट में कृषि क्षेत्र को विशेेष तवज्जो देने पर किसान खुश हैं। किसानों का मानना है कि सुविधाएं मिलने से किसानों का मन खेती में लगेगा। मोतिगरपुर के पटखौली गांव के किसान राम शिरोमणि पांडेय का कहना है कि सस्ती दरों पर कर्ज मिलने से गरीब किसानों के सामने फसल में लागत लगाने की चिंता नहीं रहेगी बशर्ते लोन लेने में सहूलियत मिले।
फतेहपुर के किसान शंभू प्रसाद तिवारी का कहना है कि कभी-कभी पूरी फसल नष्ट होने पर किसान सड़क पर आ जाता था। फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ने से किसानों को राहत मिलेगी। करौंदीकलां के परसुराम के किसान प्यारेलाल श्रीवास्तव का कहना है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन सूबे की सरकार के हाथों में रहेगा। मोतिगरपुर के छेदुवारी गांव के किसान रामदीन वर्मा ने जेटली के बजट को सराहा।
1.29 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद
जिले में पिछले वर्षों में कराए गए सर्वे में जिले में करीब एक लाख 29 हजार परिवार बीपीएल की श्रेणी में पाए गए थे। आंकड़ों के मुताबिक ये ऐसे परिवार हैं जिनमें अधिकतर लोगों के पास रसोई गैस के कनेक्शन नहीं हैं। केंद्र सरकार की ओर से अपने आम बजट में इन परिवारों को कनेक्शन देने में प्राथमिकता की व्यवस्था से इन्हें लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
429 पुरवों को मिलेगा लाभ
वर्षों से विद्युतीकरण की चलाई जा रही योजना के बावजूद अभी जिले में करीब 429 पुरवे विद्युतीकरण से अछूते हैं। वर्ष 2018 तक सरकार द्वारा सभी गांवों का विद्युतीकरण करने की व्यवस्था करने से इन गांवों में भी रोशनी पहुंचने की उम्मीद है। मुख्य विकास अधिकारी राम यज्ञ मिश्र के मुताबिक सभी पुरवों में रोशनी पहुंचने से ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊपर उठेगा। साथ ही बिजली रहने से वे गृह उपयोगी कार्य भी कर सकेंगे।