बुद्ध पूर्णिमा को सीताकुंड घाट पर भक्तों की भीड़ जुटी। आदि गंगा गोमती में आस्था की डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान घाट पर मौजूद पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के बीच भक्तों से गोदान कराया और उन्हें खुशहाली का आशीर्वाद दिया।
सीताकुंड घाट पर स्थित देवी व शिव मंदिरों पर महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मानीं। भक्तों ने पूजन-अर्चन करने के बाद गरीबों को दान-दक्षिणा देकर घर-परिवार में खुशहाली की कामना की। उधर, लंभुआ के पवित्र स्थल धोपाप और मोतिगरपुर के दियरा घाट पर भी लोगों ने आदि गंगा गोमती में स्नान कर गरीबों में दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पापों का नाश करता बुद्घ पूर्णिमा स्नान
दूबेपुर विकास क्षेत्र के फतेहपुर (तिवारीपुर) गांव में स्थित शिव मंदिर के पुजारी पं. रामकिशोर त्रिपाठी कहते हैं कि हिंदुओं में हर महीने की पूर्णिमा विष्णु भगवान को समर्पित होती है। इस दिन तीर्थ स्थलों पर गंगा स्नान करना लाभदायक व पाप नाशक माना जाता है। बैशाख पूर्णिमा का अपना अलग ही महत्व है। इस माह होने वाली पूर्णिमा को सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन किया गया स्नान कई जन्मों के पापों का नाश करता है।