भदैंया (सुल्तानपुर)। टांडा-बांदा हाईवे पर टाटियानगर के पास गोमती पुल का एक गर्डर फिर टूट गया। इससे आसपास की छत भी टूट गई है। अब भारी वाहनों के आवागमन के दौरान खतरा बन गया है।
टाटियानगर के पास गोमती नदी पर बने पुल की मरम्मत नवंबर 2022 से शुरू कराई गई थी। करीब दो माह रूट डायवर्जन के बाद मरम्मत का काम पूरा हो सका था। मरम्मत कार्य के तीन माह बाद ही सेतु का एक गर्डर टूट गया था। एनएचएआई ने अप्रैल में सेतु के गर्डर की मरम्मत कराते हुए आवागमन चालू कर दिया था।
दो दिन पहले पुल का एक गर्डर फिर टूट गया। इससे भारी वाहनों के आवागमन से पुल की छत जगह-जगह टूट गई है और गड्ढा बन गया है। इससे वाहनों को धीमी गति से गुजरा जा रहा है। भारी वाहनों के गुजरने से पुल पर खतरा बन गया है।
छह माह के भीतर दोबारा गर्डर टूटने से मरम्मत कार्य सवालों के घेरे में आ गया है। इस संबंध में एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक एसबी सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। इंजीनियर को भेजकर पुल की जांच कराई जाएगी।