प्रवचन करतीं कथा प्रवाचक चित्रलेखा।
अलीगंज (सुल्तानपुर)। श्याम रंग सबसे पक्का होता है। यह रंग सभी पर चढ़ जाता है। ये बातें कथावाचक देवी चित्रलेखा ने कहीं। वह बृहस्पतिवार को छठवें दिन क्षेत्र के पूरे लेदई गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन कर रही थीं।
कथावाचक ने कथा में मौजूद श्रद्धालुओं को मीरा के प्रेम, राधा-रानी का महत्व, गिरिराज भगवान को छप्पन भोग का अर्पण व देवराज इंद्र के अहंकार की कथा सुनाई। कथा में पहुंचे पूर्व डिप्टी सीएम व राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने व्यास पीठ का नमन कर देवी चित्रलेखा का आशीर्वाद लिया।
उन्होंने कहा कि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम व रावण की शत्रुता के बावजूद सत्य के अलग मायने थे। विजय पाने को श्रीराम ने महादेव की आराधना के लिए राक्षस रावण को ही पुरोहित बना लिया। रावण भी यह जानते हुए कि इन्हीं से युद्ध करना है, उसके बावजूद अनुष्ठान संपन्न करवाया।
इस अवसर पर पूर्व डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि कथावाचक देवी चित्रलेखा देश-विदेश में सनातन धर्म का प्रचार कर रही हैं। कथा के अंत में व्यास पीठ की आरती उतारी गई।
इस मौके पर राम मूरत मिश्र, राम धीरज मिश्र, राम अवध मिश्र, हरीश त्रिपाठी, शेखर पांडेय, प्रदीप सिंह, डॉ. अवधेश त्रिपाठी, जिला संघ चालक राजेश अग्रहरि समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजक रामचंद्र मिश्र ने कथा में आए अतिथियों का आभार जताया।