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भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिंह के सिर पर फिर सजा अध्यक्ष का ताज

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सुल्तानपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिंह के सिर फिर अध्यक्ष का ताज सजा है। कांटे की टक्कर में ऊषा सिंह ने निर्दल प्रत्याशी अर्चना सिंह को हराया है।
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ऊषा सिंह को 25, निर्दल अर्चना सिंह को 17 और सपा प्रत्याशी केशा देवी को सिर्फ एक वोट मिला है। गणना के बाद निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र दिया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर शनिवार की सुबह से ही जिला पंचायत परिसर व आसपास का क्षेत्र छावनी में तब्दील रहा। बस स्टेशन, कलेक्ट्रेट गेट व मौनी मंदिर की ओर से जिला पंचायत को जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग करके सील कर दिया गया था।
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बैरिकेडिंग के पास पुलिस के साथ मजिस्ट्रेट मुस्तैद थे। इन मार्गों से केवल चुनाव से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों व जिला पंचायत सदस्यों के आवागमन की छूट रही। जिला पंचायत सभागार में बनाए गए मतदान कक्ष में निर्वाचन अधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट रवीश गुप्ता की मौजूदगी में सुबह 11 बजे से मतदान शुरू हुआ।
थोड़ी देर बाद जिला पंचायत सदस्यों के पहुंचने का कार्यक्रम शुरू हुआ। करीब साढ़े 12 बजे एक साथ दो दर्जन से अधिक सदस्य वाहनों से जिला पंचायत गेट पर पहुंचे। गेट पर छानबीन के बाद सदस्यों को अंदर प्रवेश दिया गया। इन सदस्यों के पहुंचने के बाद एकाएक सदस्यों के मतदान की संख्या बढ़ गई।
करीब ढाई बजे तक 45 सदस्यीय जिला पंचायत में सभी सदस्यों ने मतदान कर दिया। मतदान समाप्ति के बाद तीन बजे से गणना की प्रक्रिया शुरू हुई। निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में पहले तीनों प्रत्याशी के मतपत्र छांटे गए। इसके बाद गणना शुरू हुई।
गणना में भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिंह को 25, निर्दल प्रत्याशी व पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू की बहन अर्चना सिंह को 17 व सपा प्रत्याशी केशा देवी को सिर्फ एक वोट मिला। गणना पूरी होने के बाद जिला मजिस्ट्रेट/निर्वाचन अधिकारी रवीश गुप्ता ने प्रेक्षक पंधारी यादव की मौजूदगी में विजयी भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिंह को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा।
इस मौके पर सहायक निर्वाचन अधिकारी उमाकांत त्रिपाठी व अन्य अफसर मौजूद रहे। कड़े सुरक्षा पहरे में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव शांतिपूर्ण निपटने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
निर्वाचन कक्ष में बैठे रहे तीनों प्रत्याशी
जिला पंचायत अध्यक्ष का सुबह 11 बजे से शुरू मतदान व उसके बाद गणना तक का नजारा तीनों प्रत्याशी निर्वाचन कक्ष में बैठक देखते रहे। प्रशासन ने एक तरफ अधिकारियों की कुर्सी तो दूसरी तरफ तीनों प्रत्याशियों के बैठने की व्यवस्था की थी। तीनों प्रत्याशियों के सामने मतदान व गणना का कार्य संपन्न कराया गया।
आरक्षित वाहनों से प्रकट हुए सदस्य
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में शनिवार को दोपहर बाद करीब साढ़े 12 बजे करीब दो दर्जन सदस्य एक साथ प्रकट हुए। उनके आरक्षित वाहन एक साथ जिला पंचायत गेट पर पहुंचे।
आगे चलने वाले वाहन पर भाजपा का झंडा लगा रहा। वाहन के नंबर लखनऊ के रहे। सुरक्षा में पुलिस का एक वज्र वाहन भी रहा। माना जा रहा है कि इसमें भाजपा प्रत्याशी को समर्थन करने वाले सदस्य थे।
पूर्व विधायक के कार्यालय पर रहा पुलिस का पहरा
शहर के पर्यावरण पार्क के पास सिविल लाइन में स्थित पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू के कार्यालय पर पुलिस का सुबह से ही पहरा रहा। उनके आवास के पास सड़क पर बैरिकेडिंग करके पीएसी लगा दी गई थी।
आने-जाने वालों से पुलिस सख्ती से पूछताछ कर रही थी। इसके साथ ही शहर के बाहर चारों तरफ के मार्गों पर पुलिस का पहरा रहा। पुलिस शहर आने वालों से गहराई से पूछताछ दिन भर करती रही। यहां तक साइकिल व बाइक सवारों से पूछताछ की जा रही थी।
शहर में रहा बंदी का प्रभाव
साप्ताहिक कोरोना के बहाने शहर में बंदी पर सख्ती रही। पुलिस व प्रशासन ने सुबह से ही दुकानों को बंद करा दिया था। प्रशासन ने शुक्रवार को ही आदेश जारी करते हुए शनिवार को लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश दिया था। इस सख्ती के पीछे जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की वजह मानी जा रही है।
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